नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार संकट में है. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी छोड़ दी है, इसके बाद से अब तक 20 से ज़्यादा विधायक पार्टी छोड़ चुके हैं. कांग्रेस सरकार को अब बहुमत साबित करना पड़ेगा, जो बड़ी चुनौती होगी. उथल-पुथल के बीच कांग्रेस ने अभी हार नहीं मानी है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कमलनाथ सरकार को कोई संकट नहीं होगा. Also Read - मध्यप्रदेश के गांव में ‘मुसलमान व्यापारियों का प्रवेश निषेध’ की तस्वीर हो रही है वायरल, जानें क्या है इसकी सच्चाई   

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मध्य प्रदेश की कांग्रेस नेता शोभा ओझा ने कहा कि कुल 4 निर्दलीय विधायक हैं, चारों हमारे साथ हैं. विधायक सभी हमारे साथ हैं. उन्होंने कहा कि जो सिंधिया के साथ गए हैं वो भी हमारे साथ हैं क्योंकि वो समझ रहे हैं कि एक व्यक्ति की महत्वकांक्षा के चलते उन सबके भविष्य दांव पर हैं. कांग्रेस नेता शोभा ओझा: हमारे पास पर गिनती है जो हम विधानसभा के पटल पर साबित कर देंगे, नंबर की कोई कमी नहीं है. बेंगलुरु वाले विधायक हमारे साथ हैं, वो कांग्रेस के साथ हैं. विधानसभा में हम अपना बहुमत सिद्ध करेंगे. भाजपा के विधायक भी हमारे टच में हैं. Also Read - दिग्विजय सिंह अमर्यादित भाषा वाले आ रहे कॉल्‍स से हुए परेशान, बंद किया मोबाइल फोन

मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायक अर्जुन सिंह ने कहा कि कमलनाथ सरकार नहीं गिरेगी. आप 16 मार्च को देखेंगे कि हमारे विधायकों की संख्या उतनी ही होगी, जितनी पहले होगी. ज्योतिरादित्य सिंधिया के पार्टी छोड़ने पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. राजा महाराजाओं के दिन जा चुके हैं.

उठापटक के बीच मध्य प्रदेश में कांग्रेस के 22 विधायकों के त्यागपत्र के बाद बीजेपी मंगलवार देर रात अपने विधायकों को भोपाल से दिल्ली ले आई. सभी विधायकों को गुरुग्राम के आईटीसी ग्रैंड भारत होटल में शिफ्ट किया गया है.

संकट में आई कांग्रेस सरकार ने मंगलवार शाम को विधायक दल की बैठक में मौजूद अपने 92 विधायकों को एकजुट रखने के लिए किसी अज्ञात स्थान पर एक साथ रखने का निर्णय लिया है. बता दें कि बीजेपी भी अपने विधायकों को अज्ञात जगहों पर ले जा रही है.