भोपाल: मध्य प्रदेश के भिंड इलाके में मंगलवार को कथित रूप से भोजन नहीं मिलने से एक 2 साल की बच्ची की मौत का मामला सामने आया था. बच्ची के पिता ने आरोप लगाया था कि उनकी दो साल की बेटी दो दिन से भूखी थी और खाना नहीं मिलने की वजह से उसने दम तोड़ दिया. जहां बच्ची के पिता भूखी होने और राशन नहीं मिलने को बच्ची की मौत की वजह बता रहे हैं वहीं अब मध्य प्रदेश के खाद्य मंत्री ओपी धुर्वे का मानना है कि भूख से किसी की मौत हो ही नहीं सकती. इस मामले में बयान देते हुए खाद्य मंत्री धुर्वे ने कहा, ”राशन की कोई कमी नहीं है, कोई भीख मांगता है तो दे देते हैं, इतना तो रहम है हिंदुस्तान के लोगों में, मैं मान ही नहीं सकता हूं, किसी की भूख से मौत हो ही नहीं सकती आज के युग में”. Also Read - BJP MP नंद कुमार सिंह चौहान का COVID-19 के संक्रमण के चलते मेदांता अस्‍पताल में निधन

भूख से बच्ची के मरने की बात सुनकर इलाके के लोग सकते में हैं. बच्ची का पिता मजदूरी करता है, आरोप ये भी है कि ठेकेदार ने कई दिन काम कराने के बावजूद मजदूरी का पैसा भी पिता को नहीं दिया था. बच्ची की भूख से हुई मौत की खबर को सुनकर स्थानीय अधिकारी भुखमरी झेल रहे मजदूर के घर पहुंचे और 10 हजार रुपए की सहायता का चेक दिया.

मजदूरी के पैसे भी नहीं मिले
मिली जानकारी के मुताबिक, शिवपुरी निवासी मजदूर कल्याण सिंह काम की तलाश में परिवार सहित भिंड आया था. उसने बताया कि एक ठेकेदार के यहां उसे मजदूरी का काम मिल गया. कल्याण ने बताया कि वह कई दिन मजदूरी करने गया, लेकिन ठेकेदार ने उसे पैसे नहीं दिए. पैसे मांगने पर उसे काम से ही हटा दिया. काम नहीं मिलने और पैसा नहीं होने से वह अपने परिवार के लिए खाने का इंतजाम भी नहीं कर पाया.

दो दिन से भूखी बच्ची ने तोड़ा दम
पीड़ित पिता का आरोप है कि पिछले दो दिनों से उसके पास अनाज का एक दाना तक नहीं था. भूखी होने के कारण उसकी दो साल की बेटी की हालत बिगड़ने लगी. वह उसका इलाज भी नहीं करा सका और भूख से तड़पती बच्ची ने मंगलवार को दम तोड़ दिया.