नई दिल्‍ली: मध्‍य प्रदेश के छतरपुर जिले में महिलाओं को बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं देने के दावे की पोल खुल गई है. 108 एंबुलेंस नहीं आने पर महिला ने बस में बच्‍चे को जन्‍म दिया. महिला के पति के मुताबिक, उसकी पत्‍नी को गांव के स्वास्थ्य केन्द्र से जिला अस्‍पताल रेफर किया गया था, लेकिन उसे ले जाने के लिए न ही जननी एक्सप्रेस और न तो 108 एम्बुलेंस का इंतेजाम किया गया. महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि बच्‍चा स्‍वस्‍थ्‍य है. Also Read - Dussehra 2020: संतान प्राप्ति के लिए यहां की जाती है रावण की पूजा, प्रतिमा के आगे घूंघट में जाती हैं औरतें

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जानकारी के मुताबिक, मध्‍यप्रदेश के छतरपुर जिले के राजनगर के एक गांव की प्रेग्‍नेंट महिला को खून की कमी की वजह से स्‍थानीय स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र में भर्ती कराया गया था. लेकिन महिला की हालत में सुधार नहीं होने पर डाक्‍टरों ने उसे जिला अस्‍पताल रेफर कर दिया गया. इस दौरान जिला अस्‍पताल ले जाने के लिए स्वास्थ्य केन्द्र में न तो जननी एक्सप्रेस और न तो 108 एम्बुलेंस मौजूद थी.

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बस लेकर जा रहे थे जिला अस्‍पताल

ऐसे में गरीब परिवार गर्भवती महिला को बस से जिला अस्‍पताल लेकर जा रहा था. लेकिन छतरपुर जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और उसने बस में ही बच्‍चे को जन्‍म दे दिया. इस बीच बस चालक ने फौरन बस को जिला अस्पताल के अंदर तक पहुंचाया. महिला के पति के मुताबिक, उसकी पत्‍नी की हालत गंभीर है, लेकिन नवजात पूर्णरूप से स्वस्थ है.

मामले की होगी जांच

उधर, इस मामले के मीडिया में आने के बाद स्‍वास्‍थ्‍य महकमा भी जाग गया है. सीएमएचओ छतरपुर ने मामले की जांच कर लापरवाह स्‍वास्‍थ्‍य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है.