मदुरै। मंगलवार को मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंंच ने केंद्र सरकार के पशुओं की बिक्री संबंधी नए नियम पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से चार हफ्ते में जवाब मांगा है. गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पशु बाजार में बूचड़खानों के लिए जानवरों को खरीदने और बेचने पर रोक लगा दी थी. इसका केरल और तमिलनाडु में भारी विरोध देखने को मिल रहा है. Also Read - मध्य प्रदेश में गौ हत्या के आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई पर विवाद

हाल ही में पर्यावरण मंत्रालय ने द प्रीवेंशन ऑफ क्रुएलिटी टू एनिमल्स (रेगुलेशन ऑफ लाइवस्टॉक मार्केट्स) नियम 2017 को नोटिफाई किया है. केंद्रीय पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि नए नियम बहुत साफ हैं और इसका उद्देश्य पशु बाजारों और गोवंशीय पशुओं की बिक्री को रेगुलेट करना है. साथ ही जानवरों के खिलाफ क्रूरता को रोकना है. इस नियम में बैल, गाय, सांड़, भैंस, बछिया, बछड़े और ऊंट जैसे जानवर शामिल हैं. Also Read - चुनाव आयोग ने अदालत को बताया, आधार से वोटर आईडी को जोड़ने में कोई दिक्कत नहीं

पिनाराई विजयन ने कहा कि ये सही नहीं है कि सरकार लोगों के खाने की चीजें भी तय कर रही है. इस फैसले के साथ सरकार उस सेक्टर को तबाह कर रही है, जो हजारों लोगों को रोजगार देता है. सरकार को नोटिफिकेशन जारी करने से पहले राज्यों के साथ बैठकर इस पर सलाह करनी चाहिए थी. Also Read - बकरीद के मौके पर गो हत्या रोकने गई पुलिस पर गांव वालों का हमला, 4 पुलिसकर्मी घायल

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इस फैसले का हो रहा है जमकर विरोध

केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन के विरोध में यूथ कांग्रेस ने बीफ फेस्ट का आयोजन किया. इसके बाद उनपर केस भी दर्ज किया गया है. इधर आईआईटी मद्रास के कुछ छात्रों ने केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में बीफ फेस्ट का आयोजन किया. केरल के मुख्यमंत्री पीनाराई विजयन ने भी केंद्र सरकार के फैसले को अनुचित ठहराया है.

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आल इंडिया मीट एंड लाइवस्टाक एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन को सरकार का यह फैसला रास नहीं आ रहा है. एसोसिएशन का दावा है कि इस कदम से उन किसानों पर असर पड़ेगा जो दूध ना देने वाले जानवर बिक्री के लिए लाते हैं.