मासूम बच्चों से रेप करने वालें अपराधियों के खिलाफ मद्रास हाईकोर्ट सख्त टिप्पणी करते हुए कहा की जो इस तरह की घटना को अंजाम देते हैं उन्हें नपुंसक बना देना चाहिए। शुक्रवार को एक रेप के मामलें की सुनवाई के समय कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहां। अपने इस टिप्पणी में कहा की भारत में बच्चों के साथ इस तरह की रेप की वारदात लगातार बढ़ रही है और इन सब घटना को देख के कोर्ट मूक दर्शक बनकर नही देख सकता है।

जस्टिस एन किरुबकरन की आज समाज में ऐसे अराजक तत्वों के उपर लगाम लगाने के लिए कठोर कार्यवाही करना पड़ेगा। आम लोगो को अब इस बात को समझना होगा और बहुत से लोग इस बात से सहमत नहीं होंगे, लेकिन परंपरागत कानून ऐसे मामलों में सकारात्मक परिणाम नहीं दे सके हैं। एक 15 साल के बच्चे के यौन शोषण के मामले की सुनवाई के दौरान मामलें को संज्ञान में लेते हुए यह बात कही। यह भी पढ़ें: कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री फोतेदार ने, राहुल गांधी के नेतृत्व क्षमता पर खड़े किए सवाल

पिछले दिनों दिल्ली में दो बच्चियों से गैंग रेप की घटना हुई थी। जीसमें दो बच्चियों को कुछ वहसी दरिंदो ने अपने हवस का शिकार बनाया था। जिसके बाद यह मामला काफ़ी तुल भी पकड़ लिया था। लेकिन मद्रास हाईकोर्ट ने इन सभी घटना को संज्ञान में रखते हुए कहा की इस तरह के दोषियों को कठोर सजा देना होगा। एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक कोर्ट ने कहा कि बच्चों के साथ इस तरह की हरकतें देश में सजा के क्रूरतम मॉडल को आकर्षित करती हैं। अपराधियों के मन में भय हो ताकि इस तरह का कुकर्म करने से पहले इस बात का आभास हो उन्हें कितनी कठोर सजा मिल सकती है।