मदुरै: मद्रास उच्च न्यायालय ने वेदांता ग्रुप के स्टरलाइट तांबा संयंत्र को आज उस अर्जी पर नोटिस जारी किया जिसमें संयंत्र के कारण पैदा हुए प्रदूषण से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और बीते मई में एक प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग के पीड़ितों को राहत के लिए 750 करोड़ रुपए की मांग की गई है.

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याचिकाकर्ता विजया निवास ने अदालत से कंपनी को यह निर्देश देने की मांग की कि तूतीकोरिन स्थित स्टरलाइट के संयंत्र में और इसके आसपास रहने वाले लोगों के पुनर्वास के लिए 620 करोड़ रुपए दिए जाएं. इसके अलावा, 22 और 23 मई को स्टरलाइट विरोधी प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में मारे गए 13 लोगों के लिए 10-10 करोड़ के मुआवजे की मांग की गई है.

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न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और सतीश कुमार की पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान स्टरलाइट तांबा संयंत्र के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल और केंद्र एवं राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया. याचिकाकर्ता ने दावा किया कि तूतीकोरिन के आसपास 25 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल का पर्यावरण, प्रदूषण के कारण प्रभावित हुआ है. इससे भूजल पर भी असर पड़ा है. लिहाजा, कंपनी को प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए 620 करोड़ रुपए का भुगतान करना चाहिए.