अहमदाबाद: माफिया डॉन से राजनेता बने उत्तर प्रदेश के पूर्व सांसद अतीक अहमद को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, यूपी की नैनी जेल से निकाल गुजरात की हाई सिक्‍युरिटी वाली साबरमती जेल में भेज दिया गया है. उन्हें इलाहाबाद से एक कमर्शियल उड़ान से ले जाया गया. इससे पहले अहमद को एक व्यापारी की जेल के अंदर पिटाई करने को लेकर देवरिया जेल में रखा गया था. उसके लोकसभा चुनाव लड़ने की बात कहने के बाद उसे इलाहाबाद की नैनी जेल में लाया गया था.

बता दें कि अतीक अहमद 2004 में समाजवादी पार्टी से सांसद था और उस पर 2005 में बहुजन समाज पार्टी के विधायक राजू पाल की हत्या का आरोप लगा था.

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एक अधिकारी ने बताया कि अहमद को सोमवार सुबह विमान के जरिए वाराणसी से अहमदाबाद लाया गया. जेल के एक अधिकारी ने कहा, अतीक अहमद को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार आज सुबह साबरमती केंद्रीय कारागार लाया गया. अहमद के इलाहाबाद से लोकसभा चुनाव लड़ने की बात कहने के बाद उन्हें इलाहाबाद की नैनी जेल में लाया गया था. हालांकि, अहमद को अपने लिए प्रचार करने के लिए पैरोल की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया. अहमद ने बाद में अपना नामांकन पत्र वाराणसी से दाखिल किया, लेकिन इसे वापस ले लिया.

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सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल में अहमद को नैनी केंद्रीय कारागार से निकाल साबरमती जेल भेजे जाने का आदेश दिया था. एक कारोबारी के अपहरण एवं देवरिया जेल में उसके साथ मारपीट करने के आरोप में अहमद नैनी जेल में बंद था.

विमान में सवार अहमद के बेटे उमर ने बताया, मेरे पिता को एक विमान में वाराणसी से यहां लाया गया. उन्हें हवाईअड्डे से साबरमती जेल ले जाया गया.

सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश कारोबारी मोहित जायसवाल की ओर से पिछले साल दिसंबर में दर्ज कराई गई एफआईआर पर आया था. इसमें आरोप लगाया गया था कि उसे लखनऊ से अगवा कर यहां जेल में लाया गया, जहां उसके साथ जेल में बंद डॉन एवं उसके साथियों ने मारपीट की थी तथा अपना कारोबार उनके नाम करने पर मजबूर किया गया था.

अहमद और उनके लोगों ने दिसंबर 2016 में सैम हिगिनबॉटम यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर, टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज (एसएचयूएटीएस) की एक परीक्षा में धोखाधड़ी करने वाले दो छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर स्टाफ सदस्यों पर हमला किया था.

एसएचयूएटीएस शिक्षक व कर्मचारियों की अहमद द्वारा पिटाई का वीडियो इंटरनेट पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ था, जिसके बाद अतीक अहमद को फिर से गिरफ्तार किया गया.

उत्तर प्रदेश सरकार ने शीर्ष अदालत को बताया था कि अहमद जो पूर्व में देवरिया जेल में बंद था, उसने 26 दिसंबर को जायसवाल का अपहरण किया था और उसके साथ मारपीट की थी.