नई दिल्ली: देश में 2017 में जब्त किए कुल विस्फोटकों का 0.1 प्रतिशत से भी कम आतंकवादियों, नक्सलियों और अन्य चरमपंथी समूहों से बरामद किया गया जबकि गैंगस्टरों और तस्करों से 99 प्रतिशत से अधिक विस्फोटक बरामद किए गए. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के ताजा आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई है.

नए आंकड़ों से पता चला कि 2017 के दौरान आरडीएक्स, टीएनटी, गन पाउडर, प्लास्टिक विस्फोटक समेत कुल 14,63,284 किलोग्राम विस्फोटक बरामद किया गया जिसमें से 870 किग्रा. (0.06 प्रतिशत) विस्फोटक ‘राष्ट्र विरोधी तत्वों’ (आतंकवादियों, नक्सलियों और अन्य चरमपंथियों) से बरामद किया गया और बाकी का 99.94 प्रतिशत विस्फोटक ‘अन्य’ (अपराधियों, गैंगस्टरों, तस्करों) से जब्त किया गया.

एक साल से अधिक की देरी के बाद जारी किए गए सरकारी आंकड़ों से यह भी पता चला कि आतंकवादियों, नक्सलियों और चरमपंथियों से आरडीएक्स, टीएनटी और प्लास्टिक विस्फोटकों की बरामदगी शून्य रही. एनसीआरबी के अनुसार, सुरक्षा बलों ने डेटोनेटर, जिलेटिन की छड़ों, हथगोलों, बारुदी सुरंगों, क्लेमोर माइंस, देसी बम, आईईडी, प्रेशर माइन समेत अन्य विस्फोटकों की 29,38,778 इकाइयां जब्त की.

इनमें से आतंकवादियों, नक्सलियों और चरमपंथियों से 1.07 प्रतिशत ही बरामद किया गया जबकि बाकी का गैंगस्टरों, अपराधियों और तस्करों से बरामद किया गया. उस साल एनडीपीएस कानून के तहत 36,16,881 किलोग्राम की बरामदगी की गई जिनमें से 2,17,894 किग्रा अफीम आधारित नशीले पदार्थ जबकि 12,46,047 किग्रा. भांग आधारित नशीले पदार्थ रहे. गृह मंत्रालय के तहत आने वाली एनसीआरबी भारतीय दंड संहिता और देश में विशेष तथा स्थानीय कानूनों के अनुसार परिभाषित किए गए अपराध के आंकड़े जुटाने तथा उनका विश्लेषण करने के लिए जिम्मेदार है.