
Gaurav Barar
गौरव बरार (Gaurav Barar) एक अनुभवी पत्रकार और कंटेंट विशेषज्ञ हैं जिनके पास 10 साल से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में, इंडिया.कॉम में बतौर चीफ सब एडिटर अपनी सेवाएं ... और पढ़ें
Maha Kumbh Mela: प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर बुधवार सुबह भगदड़ मच गई. जिसमें कई लोगों घायल हो गए. ये घटना संगम नोज पर भारी भीड़ के चलते घटी है. घटना के बाद एक वीडियो सामने आया है. जिसमें संगम पर करोड़ों लोग मौनी अमावस्या के अवसर पर स्नान के लिए खड़े दिखाई दे रहे हैं. यहां सुबह करीब 2.30 बजे अनियंत्रित भीड़ के कारण भगदड़ मची थी.
वीडियो में घाट पर लोगों की भीड़ दिखाई दे रही है, जो महाकुंभ मेला स्थल के चारों ओर फैली हुई है. इसमें त्रिवेणी संगम के मुहाने पर थोड़ी भीड़ है. ये तस्वीरें त्रिवेणी संगम पर मची भगदड़ के कुछ घंटों बाद ली गई हैं, जब मौनी अमावस्या के अवसर पर ‘अमृत स्नान’ (पवित्र डुबकी) में भाग लेने के लिए भीड़ उमड़ी थी.
यह महाकुंभ के सबसे पवित्र आयोजनों में से एक है. अफरातफरी के बीच कई श्रद्धालु पवित्र स्नान किए बिना ही लौट गए. कई अखाड़े, जो इस बड़े आयोजन में भाग लेने के लिए तैयार थे और स्नान के लिए घाट पर पहुंच चुके थे, ने भगदड़ के विनाशकारी परिणाम को देखते हुए और आगे की अशांति से बचने के लिए इसे टाल दिया और फिर सुबह करीब 11 बजे स्नान के लिए गए.
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं से संगम नोज की ओर न जाने और गंगा के पास अन्य घाटों पर स्नान करने की अपील की है. मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को बताया कि मौनी अमावस्या को सुरक्षित तरीके से मनाने के लिए श्रद्धालुओं के लिए कई स्नान घाट बनाए गए हैं, क्योंकि अधिकारी संगम नोज के पास बचाव अभियान चला रहे हैं.
#WATCH | #MahaKumbh2025 | Prayagraj, Uttar Pradesh: Drone visuals from the Ghats of Triveni as a huge number of devotees reach for the Amrit Snan on the occasion of Mauni Amavasya.
Source: Mela Administration pic.twitter.com/FoQrbprWGK
— ANI (@ANI) January 29, 2025
मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान महाकुंभ का सर्वाधिक महत्वपूर्ण आयोजन होता है और इसमें करीब दस करोड़ लोगों के गंगा में डुबकी लगाने की संभावना है. इस वर्ष, 144 वर्षों के बाद ‘त्रिवेणी योग’ नामक एक दुर्लभ खगोलीय संयोग बन रहा है, जो इस दिन के आध्यात्मिक महत्व को और बढ़ा रहा है.
आधी रात के बाद लगभग दो बजे कुंभ मेला क्षेत्र में लाउडस्पीकर से गूंजते मंत्रों और श्लोकों के निरंतर उच्चारण के बीच भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने के बाद संगम की ओर दौड़ती एम्बुलेंस और पुलिस वाहनों के तेज सायरन की आवाजें गूंज उठीं. घायलों को मेला क्षेत्र में बने केंद्रीय अस्पताल में ले जाया गया. कई घायलों के रिश्तेदार भी वहां पहुंचे, साथ ही कुछ वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी वहां पहुंचे.
त्रिवेणी संगम – गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम – हिंदुओं द्वारा सबसे पवित्र माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि महाकुंभ के दौरान और विशेषकर मौनी अमावस्या जैसी विशेष स्नान तिथियों पर इसमें डुबकी लगाने से लोगों के पाप धुल जाते हैं और उन्हें मोक्ष मिलता है.
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