
Parinay Kumar
पत्रकारिता में 13 साल का अनुभव. 2010-11 में भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई करने के बाद दैनिक भास्कर से बतौर रिपोर्टर करियर की शुरुआत. फिर हिन्दुस्तान और ... और पढ़ें
Maha Kumbh 2025: प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले में ‘IIT बाबा’ अभय सिंह ने सबका ध्यान खींचा है. पूर्व एयरोस्पेस इंजीनियर अभय सिंह ने इस भव्य धार्मिक आयोजन के दौरान सुर्खियां बटोरीं हैं. अब उनके पिता करण ग्रेवाल का बयान आया है. हरियाणा के रहने वाले अभय सिंह के पिता करण ग्रेवाल चाहते हैं कि उनका बेटा अभय घर लौट आए. हरियाणा के झज्जर में वकील करण ग्रेवाल ने कहा कि हमारा परिवार चाहता है कि अभय घर लौट आएं, लेकिन इतना कुछ हासिल करने के बाद उनके लिए वापस आना आसान नहीं है.’
NDTV से बात करते हुए करण ग्रेवाल ने कहा, ‘अभय हमेशा से ही पढ़ाई में अच्छे रहे हैं. IIT बॉम्बे से अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद उसने डिजाइन में मास्टर डिग्री हासिल की और नई दिल्ली और कनाडा में काम किया. आखिरकार वे कनाडा छोड़कर भारत लौट आए और शिमला, मसूरी और धर्मशाला जैसे आध्यात्मिक स्थानों पर दिन बिताईं. ‘IIT बाबा’ के पिता ने कहा, ‘इसके बाद उसने संन्यासी बनने का फैसला किया. वह हमेशा से ही अध्यात्म में रुचि रखता था.’ यह पूछे जाने पर कि क्या वह अपने बेटे के संपर्क में हैं? उन्होंने कहा, ‘मैं छह महीने पहले तक उसके संपर्क में था. इसके बाद, उसने मुझे सभी प्लेटफॉर्म पर ब्लॉक कर दिया.’ उन्होंने आगे बताया, ‘मैंने सुना कि वह हरिद्वार में था और मैं उससे मिलना चाहता था, लेकिन नहीं मिल सका और अब वह वायरल हो गया है.’
#WATCH | Prayagraj, UP: #MahaKumbh2025 | Baba Abhay Singh who is from Juna Akhada and was also an IIT student once, says, ” I come from Haryana, I went to IIT, then changed to Arts from Engineering, that also didn’t work so I kept changing and later I arrived at the final truth.… pic.twitter.com/Li6EwgCXbU
— ANI (@ANI) January 15, 2025
उन्होंने कहा, ‘जाहिर है, मैं चाहता हूं कि वह घर वापस आ जाए.’ उसकी मां ने उसे वापस आने और परिवार की देखभाल करने के लिए कहा, लेकिन उसने जवाब दिया कि संन्यासी बनने के बाद अब यह संभव नहीं है.’ अभय के इस फैसले पर उनके पिता ने कहा, ‘वह हमेशा से इंडिपेंडेंट थे, इसलिए उन्होंने जो निर्णय लिया, वह उन्होंने लिया. हर किसी को अपनी पसंद के अनुसार जीवन जीने का अधिकार है और मैं उन पर दबाव नहीं डाल सकता.’
यह पूछे जाने पर कि क्या वह उन्हें आखिरी बार मनाने की कोशिश करेंगे? उन्होंने जवाब दिया, ‘मैं कोशिश करूंगा, लेकिन मुझे लगता है कि इस स्तर पर पहुंचने के बाद वह हमारी बात सुनने के लिए तैयार नहीं हैं. एक दिन पहले ‘IIT बाबा’ ने बताया था कि कैसे उनके बचपन में ‘घरेलू हिंसा’ ने उनके आध्यात्मिक मार्ग को प्रभावित किया.
उन्होंने कहा कि हालांकि उन्होंने इसका प्रत्यक्ष अनुभव नहीं किया, लेकिन उनके माता-पिता के लगातार झगड़ों ने उन्हें ‘आघात पहुंचाया.’ ‘IIT बाबा’ ने कहा कि बड़े होने पर वह देर रात तक पढ़ाई करते थे. जब उनसे शादी न करने के उनके निर्णय के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्वीकार किया कि अपने माता-पिता के झगड़ों को देखने के कारण उन्होंने एक शांतिपूर्ण, एकांत जीवन का विकल्प चुना.
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