मुंबई: महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के 100 दिन पूरे होने पर विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुक्रवार को निशाना साधते हुए उसे भ्रमित बताया और कहा कि वह पिछली सरकार द्वारा किये गए कामों को कथित तौर पर रोकने के लिये सरकार में है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि एमवीए के घटक शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस एक दूसरे पर विश्वास नहीं करते और उनकी सरकार ऐसी है जो पहले घोषणा करती है फिर बाद में पीछे हट जाती है. Also Read - 14 राज्यों में अब तक तबलीगी जमात के 647 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए: Health Ministry

शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने 28 नवंबर 2019 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. उनके साथ छह अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली थी. शिवसेना ने भाजपा का साथ छोड़ने के बाद राकांपा और कांग्रेस से हाथ मिलाया था, जो उसकी विचारधारा के विरोधी रहे हैं फडणवीस ने दक्षिण मुंबई में विधानसभा परिसर के बाहर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि सत्ताधारी दलों में कोई समन्वय नहीं है उन्होंने कहा कि उनके मंत्री के जो मन में आता है, उसकी घोषणा करते हैं, जबकि मुख्यमंत्री कहते हैं कि ऐसा कुछ (मंत्रियों की घोषणा के संदर्भ में) तय नहीं किया गया है Also Read - महाराष्ट्र में कोरोना पॉजिटिव पाया गया छह दिन का शिशु, राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 335 हुई

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सरकार सिर्फ घोषणाएं करती है और फिर उन्हें वापस ले लेती है. फडणवीस ने कहा कि एमवीए सरकार ने पहले किसानों के पूर्ण कृषि कर्ज माफी, 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली और 100 फीसदी छात्रवृत्ति की घोषणा की लेकिन बाद में इन्हें वापस ले लिया. उन्होंने अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री नवाब मलिक की मुसलमानों को पांच फीसदी आरक्षण देने की घोषणा का जिक्र किया जिस पर ठाकरे ने कहा था कि इस मुद्दे पर अब तक कोई फैसला नहीं लिया गया है. Also Read - महाराष्‍ट्र में COVID19 के 72 नए केस के साथ संक्रमितों का आंकड़ा 302

फडणवीस ने कहा कि सीएए और एनपीआर को लेकर भी उनमें एक राय नहीं है, इसलिये ये भ्रमित सरकार है उनमें एक दूसरे के बारे में भरोसा नहीं है. उन्होंने कहा, “वे सिर्फ भरोसे की बात करते हैं लेकिन है नहीं यह एक स्थगन सरकार है जिसने अपने गठन के 100 दिनों में निश्चित रूप से 100 स्थगन दिये होंगे”