महाबलीपुरम: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Chinese President Xi Jinping) की दो दिवसीय भारत यात्रा आज दूसरे दिन समाप्त हो गई. पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के साथ अनौपचारिक शिखर सम्मलेन के बाद वह महाबलीपुरम से नेपाल के लिए रवाना हो गए हैं. इससे पहले चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पीएम मोदी के बीच लंबी वार्ता हुई. पीएम मोदी ने कपड़े पर चीन के राष्ट्रपति की हाथ से बनाई गई तस्वीर भेंट की. कपड़े पर धागों से बनाई गई तस्वीर कोयंबटूर के श्री रामलिंगा हैंडलूम को-ऑपरेटिव सोसाइटी के बुनकरों ने तैयार की थी. अपनी वार्ता में इन दोनों नेताओं ने आतंकवाद और कट्टरपंथ की चुनौतियों का मिलकर सामना करने का संकल्प लिया. पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति के इस दौरे के बाद कहा कि चीन और भारत के रिश्तों की ये नई शुरुआत है. दोनों नेताओं ने निवेश के नए क्षेत्रों को पहचानने, व्यापार बढ़ाने और द्विपक्षीय व्यापार की अहमियत पर ध्यान केंद्रित करते हुए व्यापार एवं आर्थिक मामलों पर चर्चा की. दोनों नेताओं ने व्यापार घाटे और व्यापार में असंतुलन पर भी बातचीत की. इसके साथ ही सबसे अहम ये भी रहा कि इस दौरान कश्मीर को लेकर किसी भी तरह की कोई चर्चा नहीं हुई.

विदेश सचिव विजय गोखले (Vijay Gokhle) ने बताया कि चीन के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को चीन में होने वाले अगले समिट के लिए आमंत्रित किया है. पीएम मोदी ने ये आमंत्रण स्वीकार कर लिया है. इसके साथ ही पीएम मोदी एवं शी ने आतंकवाद के कारण दोनों देशों के सामने पैदा हो रही चुनौतियों पर चर्चा की और इससे निपटने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया. उन्होंने कहा, ‘‘ इस बात को स्वीकार किया गया कि दोनों देश बहुत जटिल और बहुत विविध हैं.

दोनों नेताओं ने कहा कि भारत एवं चीन बड़े देश हैं, दोनों के लिए कट्टरपंथ चिंता का विषय है.’’ उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने मिलकर काम करने का संकल्प लिया ताकि कट्टरपंथ एवं आतंकवाद दोनों देशों के बहु-सांस्कृतिक, बहु-जातीय, बहु-धार्मिक समाजों को प्रभावित नहीं कर पाए. मोदी और शी ने अपनी-अपनी राष्ट्रीय दूरदृष्टि एवं शासन संबंधी प्राथमिकताओं पर विस्तृत वार्ता की. गोखले ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने कहा कि (प्रधानमंत्री पद पर) दूसरे कार्यकाल के लिए उन्हें चुने जाना आर्थिक विकास के लिए मिला जनादेश है.

राष्ट्रपति शी ने प्रधानमंत्री मोदी को जनादेश मिलने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि वह आगामी साढे चार साल में मोदी के साथ सभी मुद्दों पर करीब तौर पर काम करने के इच्छुक हैं.’’ उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने तमिलनाडु और चीन के पूर्वी तट के बीच प्राचीन ऐतिहासिक एवं व्यापारिक संबंधों पर भी बातचीत की. गोखले ने कहा, ‘‘150 मिनट से अधिक समय तक बातचीत चली और यह वार्ता तय समय से अधिक देर चली. काफी खुली और सौहार्दपूर्ण चर्चा हुई. दोनों नेताओं ने एक साथ वक्त बिताया.”