चेन्नई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शोर मंदिर पहुंचे हैं, जहां पर चीनी राष्ट्रपति के स्वागत के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम किया जा रहा है. शोर मंदिर द्रविड़ वास्तुकला का बेहतरीन नमूना है. इसका निर्माण पल्लव शासकों ने कराया था. दक्षिण भारत के प्राचीन मंदिरों में से शोर मंदिर एक है. इस मंदिर को ग्रेनाइट के पत्थरों से तराश कर बनाया गया है.

 

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग शुक्रवार को जब चेन्नई पहुंचे और यहां से मामल्लापुरम गये तो लोक नर्तकों और भरतनाट्यम कलाकारों ने तमिल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ उनका स्वागत किया और बड़ी संख्या में बच्चों ने भारतीय और चीनी झंडे लहराकर उनका अभिवादन किया. चिनफिंग से पहले हेलीकॉप्टर से मामल्लापुरम पहुंचे प्रधानमंत्री ने अर्जुन तपस्या स्मारक पर चीनी नेता की अगवानी की. परंपरागत तमिल परिधान धोती, अंगवस्त्रम और शर्ट पहने प्रधानमंत्री ने शी चिनफिंग से हाथ मिलाकर उनका स्वागत किया और दोनों नेताओं ने एक दूसरे का हालचाल पूछा. मोदी और चिनफिंग आज शाम और शनिवार को अनौपचारिक शिखर वार्ता कर सकते हैं. इससे पहले चिनफिंग यहां हवाईअड्डे पर पहुंचे तो उनके स्वागत के लिए तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित, मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी, उप मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम तथा तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष पी धनपाल वहां उपस्थित थे.


तमिल सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं
करीब 500 तमिल लोक कलाकारों ने ‘ताप्पट्टम’ और ‘पोई कल कुठिराई’’ समेत तमिल सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं. रंग-बिरंगे परिधानों में सजी महिलाओं ने भरतनाट्यम की प्रस्तुति दी. मुस्कराते हुए शी चिनफिंग ने कलाकारों की ओर हाथ हिलाकर उनका अभिवादन स्वीकार किया. चिनफिंग के गाड़ी में बैठने से पहले मंदिर के पुजारियों ने परंपरागत तरीके से उनका स्वागत किया. जैसे ही चिनफिंग हवाईअड्डे के वीवीआईपी द्वार संख्या 5 से बाहर निकले, सड़क पर दोनों ओर कतारों में खड़े स्कूली बच्चों ने भारतीय और चीनी झंडे लहराते हुए उनका स्वागत किया.


आईटीसी ग्रेंड चोला होटल में रूके हैं चीनी राष्ट्रपति
हवाईअड्डे से चिनफिंग पांच किलोमीटर की यात्रा करके आईटीसी ग्रेंड चोला होटल पहुंचे जहां वह ठहरेंगे. होटल में कुछ देर के विश्राम के बाद चिनफिंग शाम करीब 4:05 बजे सड़क मार्ग से करीब 50 किलोमीटर दूर मामल्लापुरम के लिए रवाना हुए और शाम पांच बजे इस तटीय शहर में पहुंचे. ईस्ट कोस्ट रोड पर कई जगहों पर कलाकारों ने लोक नृत्यों की प्रस्तुति और चिनफिंग के स्वागत के लिए परंपरागत संगीत की प्रस्तुति दी.