मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए जारी प्रचार अभियान शनिवार शाम को समाप्त हो गया. राज्य में 21 अक्टूबर को मतदान होगा और मतगणना 24 अक्टूबर को होगी. अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने लेकर चलाए गए आक्रामक प्रचार के साथ भाजपा ने देवेंद्र फडणवीस के लिए दूसरे कार्यकाल को लेकर पूरा दमखम लगाया. विपक्ष के प्रचार अभियान में इस बार आक्रमकता कम रही. सिर्फ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने कुछ चुनावी रैलियों को संबोधित किया जिसमें उन्होंने आर्थिक सुस्ती, बेरोजगारी, नोटबंदी की ‘विफलता’ और जीएसटी जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया.

दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्री समेत शीर्ष भाजपा नेताओं ने अनुच्छेद 370 का मुद्दा उठाया और जम्मू कश्मीर से विशेष दर्जा वापस लिये जाने के फैसले पर विपक्ष की अपत्तियों का जिक्र किया. प्रधानमंत्री ने भ्रष्ट विपक्षी नेतृत्व के बारे में भी बातचीत की. प्रदेश में विधानसभा चुनावों में मुख्य मुकाबला भाजपा की अगुवाई वाले महागठबंधन अथवा ‘‘महायुति’’ एवं कांग्रेस राकांपा गठबंधन अथवा ‘महा अघाड़ी’ (मोर्चा) के बीच है. प्रदेश में सतारा लोकसभा सीट पर भी उपचुनाव हो रहा है. यहां भी 21 अक्टूबर को मतदान होगा. सतारा के मौजूदा सांसद एवं राकांपा नेता उदयनराजे भोसले इस बार भाजपा के टिकट पर मैदान में हैं जिनका मुकाबला कांग्रेस राकांपा गठबंधन के उम्मीदवार श्रीनिवास पाटिल से है.

प्रदेश में आठ करोड़ 98 लाख से अधिक मतदाता हैं जिसमें चार करोड़ 28 लाख से अधिक महिला एवं चार करोड़ 68 लाख से अधिक पुरूष मतदाता हैं. इन मतदाताओं में एक करोड़ छह लाख 76 हजार 13 ऐसे हैं जो 18 से 25 साल आयुवर्ग के बीच हैं. राज्य में कुल 3287 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनमें 235 महिलायें हैं. प्रदेश के ये मतदाता 21 अक्टूबर को अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर विधानसभा के लिए 288 सदस्यों का चयन करेंगे. प्रदेश में भाजपा 164 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जिसमें छोटे सहयोगी दल भी हैं जो पार्टी के चुनाव चिन्ह कमल पर चुनाव लड़ रहे हैं. सहयोगी शिवसेना ने 124 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं.

दूसरी ओर कांग्रेस ने 147 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं जबकि सहयोगी राकांपा ने 121 सीटों पर. प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए राज ठाकरे की अगुवाई वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने 101 सीटों पर, भाकपा ने 16, माकपा ने आठ, बसपा ने 262 सीटों पर अपने अपने उम्मीदवार उतारे हैं. चुनाव मैदान में कुल 1400 निर्दलीय उम्मीदवार हैं. राज्य में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां छह चुनावी रैलियों को संबोधित किया वहीं काग्रेस नेता राहुल गांधी ने छह जनसभाओं में अपनी बात रखी.

चुनाव प्रचार के आखिरी दिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस एवं शिव सेना नेता आदित्य ठाकरे ने रोड शो किया. इसके अलावा गृह मंत्री अमित शाह और राकांपा प्रमुख शरद पवार ने भी जनसभाओं को संबोधित किया. प्रदेश में विधानसभा के लिए प्रमुख उम्मीदवारों में मुख्यमंत्री फड़णवीस, पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता अशोक चह्वाण तथा पृथ्वीराज चह्वाण शामिल हैं. आदित्य ठाकरे पहली बार चुनाव मैदान में हैं. राज्य में 21 अक्टूबर को होने वाले चुनाव के लिए छह लाख 50 हजार मतदान कर्मियों को तैनात किया गया है. चुनाव के लिए राज्य में 96 हजार 661 मतदान केंद्र बनाये गए हैं और एक लाख 35 हजार 21 वीवीपैट मशीनें भी लगायी गयी है. प्रदेश में 2014 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने सबसे अधिक 122 सीटें जीती थी जबकि शिवसेना के खाते में 63 सीट गयी थी. कांग्रेस और राकांपा ने क्रमश: 42 और 41 सीटों जीत दर्ज की थी. भाजपा नेताओं ने दावा किया है कि राजग गठबंधन प्रदेश में 222 सीटें जीतेगी.

(इनपुट भाषा)