अकोला (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Election 2019) के लिए प्रचार करने पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने महाराष्ट्र के अकोला (District Akola) में जनसभा की. जनसभा में उन्होंने अपने अधिकतर भाषण में जम्मू-कश्मीर की बात की. पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के मामले पर आपत्ति जताने को लेकर विपक्षी दलों को ‘‘बेशर्म’’ बताया.  प्रधानमंत्री उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष यह कैसे पूछ सकता है कि अनुच्छेद 370 (Article 370) के अधिकतर प्रावधान हटाने से महाराष्ट्र का क्या लेना-देना है?’’

पीएम ने कहा कि ऐसे लोगों (विपक्ष) की हिम्मत देखो कि खुलेआम कह रहे हैं कि महाराष्ट्र चुनाव का जम्मू कश्मीर का क्या लेना-देना. ऐसा कहने वाले लोग कान खोलकर सुन लो. सीमा पार से फैलाये जा रहे आतंक का सामना करने के लिए पूरा देश जम्मू कश्मीर के नागरिकों के साथ है. महाराष्ट्र का शायद ही कोई जिला होगा, जहां के जवान जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) में आतंक का मुकाबला न करते हों, इसके बाद भी ये लोग कहते हैं कि महाराष्ट्र का जम्मू कश्मीर से क्या लेना-देना. अरे डूब मरो. दर्द होता है दिल में. इन्हें शर्म आनी चाहिए.

पीएम ने कहा कि संभाल-संभाल कर रखी गई 370 देश वासियों के चरणों में न्योछावर हो गई. कुछ लोगों को राजनैतिक रोटियां सेंकने के लिए बंटा हुआ भारत चाहिए. उन्होंने कांग्रेस-राकांपा गठबंधन को ‘‘भ्रष्ट गठबंधन’’ करार देते हुए कहा कि वह महाराष्ट्र को एक दशक पीछे ले गया.

इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र में बीजेपी सरकार की उपलब्धियां बताते हुए विपक्ष पर निशाना साधा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हिंदुत्व विचारक वीडी सावरकर (VD Savarkar) के मूल्य राष्ट्र-निर्माण का आधार हैं. उन्होंने कहा कि ये वीर सावरकर के ही संस्कार हैं, जिससे हमने राष्ट्रवाद को हमने राष्ट्रनिर्माण के मूल में रखा है. दूसरी तरफ ऐसे लोग हैं जो सावरकर का आए दिन अपमान करते हैं.

मोदी के यह बयान देने से एक दिन पहले ही भाजपा ने 21 अक्टूबर को होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए अपने घोषणा पत्र में सावरकर को भारत रत्न दिए जाने की मांग उठाई थी. प्रधानमंत्री मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए इस बात पर भी अफसोस जताया कि बीआर आम्बेडकर को दशकों तक भारत रत्न से वंचित रखा गया. मोदी ने कहा, ‘‘यह सावरकर के संस्कार ही हैं कि हमने राष्ट्रवाद को राष्ट्र निर्माण के मूल में रखा है.’’