मुंबई : महाराष्ट्र में आतंकी गतिविधियों को लेकर हुए नए खुलासे के बाद और हथियारों की बरामदगी हुई है. महाराष्ट्र पुलिस ने सोमवार को दावा किया कि तीन व्यक्तियों की आतंक के आरोपों में गिरफ्तारी के बाद जांच में 5 और देशी पिस्तौल और बड़ी मात्रा में गोली बारूद बरामद किया गया है. गिरफ्तार व्यक्तियों में एक दक्षिणपंथी समूह से है.

बता दें कि एटीएस ने बीते 10 अगस्त को 40 वर्षीय वैभव राउत को गिरफ्तार किया था, जो कि नालासोपारा क्षेत्र में गौसंरक्षण संगठन ‘हिंदू गोवंश रक्षा समिति’ चलाता था. सोमवार को एटीएस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नालासोपारा क्षेत्र से पांच देशी पिस्तौल, 41 गोलियां और आग्नेयास्त्र के हिस्से बरामद किए गए.

महाराष्ट्र पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने गत शनिवार को कहा था कि इससे पहले छह पिस्तौल मैगजीन के साथ 11 देशी पिस्तौल, एक एयरगन, 10 पिस्तौल बैरल, छह पिस्तौल मैगजीन, आंशिक रूप से निर्मित 6 पिस्तौल के हिस्से, तीन आंशिक रूप से निर्मित मैगजीन और आग्नेयास्त्र के कई हिस्से बरामद किए गए थे. इसके साथ ही कथित आतंकवादी षड्यंत्र के सिलसिले में अभी तक बरामद पिस्तौल की संख्या बढ़कर 16 हो गई है.

छापेमारी ये हुए अरेस्ट
एटीएस ने गत 10 अगस्त को 40 साल के वैभव राउत को गिरफ्तार किया था. वह नालासोपारा क्षेत्र में गौसंरक्षण संगठन ‘हिंदू गोवंश रक्षा समिति’ चलाता था. पुलिस ने कहा कि राउत की गिरफ्तारी के बाद एटीएस ने पालघर और पुणे जिलों में छापेमारी में शरद कालास्कर (25) और सुधनवा गोंधलेकर (39) को गिरफ्तार किया.

कई राज्यों में थी विस्फोट की तैयारी
एटीएस ने यह भी दावा किया है कि उसने 20 देशी बम, दो जिलेटिन छड़ें, 4 इलेक्ट्रॉनिक और 22 गैर इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, 150 ग्राम विस्फोटक पाउडर और कुछ अन्य सामग्री भी बरामद की गई है. पुलिस के अनुसार इनका इस्तेमाल राज्य में विभिन्न स्थानों पर विस्फोट में किया जाना था.

 डाभोलकर,  पानसरे और लंकेश मामले में होगी पूछताछ
एटीएस प्रमुख अतुलचंद्र कुलकर्णी ने कहा था कि वे इसकी जांच करेंगे कि गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों का नरेंद्र डाभोलकर और गोविंद पानसरे और पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या में कोई संबंध तो नहीं है. आरोपी 18 अगस्त तक एटीएस की हिरासत में हैं.