मुंबई/औरंगाबाद: महाराष्ट्र में सामूहिक दुष्कर्म की शिकार एक 19 वर्षीय युवती की सरकारी अस्पताल में मौत हो गई. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. जुलाई में मुंबई में लड़की का जन्मदिन मनाने के बाद उसके चार दोस्तों ने उसके साथ दुष्कर्म किया था. पीड़िता ने बुधवार रात अंदरूनी चोटों के कारण अस्पताल में दम तोड़ दिया.

घटना पर कड़ा संज्ञान लेते हुए, महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग (एमएससीडब्ल्यू) ने चुनाभट्टी पुलिस स्टेशन को शनिवार तक अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट देने, दुष्कर्म-हत्या का मामला दर्ज करने और कानून के अनुसार पीड़ित परिवार को वित्तीय सहायता देने का आदेश दिया है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) चेंबूर से चुनाभट्टी पुलिस स्टेशन तक शुक्रवार दोपहर को एक जुलूस निकालेगी, ताकि घटना के खिलाफ और महिलाओं पर बढ़ते अत्याचारों का विरोध किया जा सके.

बिहार के दो सगे भाइयों को क‍श्‍मीरी बहनों से हुआ प्‍यार, शादी की…फिर आया ये मोड़

पीड़िता 7 जुलाई को मुंबई आई थी और उसके चार पुरुष मित्रों ने उनमें से एक के घर पर उसका जन्मदिन मनाने पर जोर दिया. उस शाम, जन्मदिन का केक काटने के बाद, चारों दोस्तों ने कथित रूप से जबरदस्ती की और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. इस घटना से पीड़िता को गहरा सदमा पहुंचा. वह चुपचाप अगले दिन घर लौट गई और उसने इस बार में न तो मुंबई पुलिस को बताया और न अपने परिवार को. हालांकि, यह जुलाई के तीसरे सप्ताह में उसने अपने निजी अंगों में तेज दर्द की शिकायत की जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां 30 जुलाई को इस मामले का खुलासा हुआ. आज अस्पताल में उसकी मौत हो गई.

सांसद सुप्रिया सुले ने की एसआईटी जांच कराने की मांग
राकांपा सांसद सुप्रिया सुले ने भाजपा नीत महाराष्ट्र सरकार पर महिला सुरक्षा के प्रति संवेदनहीन होने का आरोप लगाते हुए सामूहिक बलात्कार के बाद युवती की मौत की एसआईटी से जांच की मांग की. बारामती से राकांपा सांसद ने विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की मांग की और कहा कि इस मामले की जांच सही ढंग से नहीं की जा रही है. उनके साथ राकांपा मुंबई के प्रमुख नवाब मलिक और विधान पार्षद विद्या चव्हाण भी थे. राकांपा ने आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है. पार्टी ने यहां उपनगर चेंबूर में लाल डोंगर इलाके से चूनाभट्टी थाने तक विरोध मार्च निकाला.