नई दिल्लीः महाराष्ट्र में गठित नई सरकार के मामले में एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस द्वारा दायर याचिका में आज दूसरे दिन सुप्रीम कोर्ट में हुई. कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने शिवसेना और कांग्रेस की तरफ से पक्ष रखा. इस मामले को लेकर जस्टिस रमना, अशोक भूषण और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच सुनवाई की. बीजेपी की ओर से मुकुल रोहतगी महाराष्ट्र सरकार का पक्ष रखा. अब इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट कल सुबह 10:30 बजे अपना फैसला सुनाएगा.

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी सुप्रीम कोर्ट को दी है. उन्होंने कोर्ट को चुनाव परिणाम के बाद की अब तक की जानकारी भी दी है. सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को राज्यपाल की चिट्ठी सौंपी. सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को एनसीपी नेता अजित पवार की भी चिट्ठी सौंपी है, जो उन्होंने राज्यपाल को सौंपी थी. तुषार मेहता ने कहा है कि सरकार नहीं बनी थी, इसलिए राष्ट्रपति शासन लगा था.

तुषार मेहता ने कोर्ट से कहा कि अजित पवार एनसीपी के विधायक दल के नेता हैं. उन्होंने जो चिट्ठी राज्यपाल को दी थी उसमें एनसीपी के 54 विधायकों के नाम हैं. सभी विधायकों के सिग्नेचर भी हैं.

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कोर्ट में देवेंद्र फड़नवीस की चिट्ठी भी पेश की गई है. इसके साथ ही बीजेपी की ओर से मुकुल रोहतगी ने पक्ष रखा है. उन्होंने कोर्ट में कहा कि एक पवार हमारे पास हैं. एक पवार कोर्ट गए हैं. मुकुल रोहतगी ने कहा कि जो लोग खरीद फरोख्त कर रहे हैं और आरोप हम पर लगा रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट में इस पूरे मामले को लेकर बहस जारी है. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तुरंत फ्लोर टेस्ट नहीं कराए जाने की मांग की है. उन्होंने ये भी कहा कि विधायक होटलों में बंद हैं. कोई भी फैसला जल्द हो. वहीं, इस मामले को लेकर जस्टिस खन्ना ने कहा कि 24 घंटे के अंदर फ्लोर टेस्ट हो जाना चाहिए. बहुत मामलों में 24 घंटे के अंदर फ्लोर टेस्ट हुए हैं. इससे पहले अजित पवार के वकील मनिंदर सिंह ने अजित पवार की ओर से कहा कि मैं ही एनसीपी हूं. विधायक मेरे साथ हैं.

शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी की ओर से कपिल सिब्बल ने तुरंत फ्लोर टेस्ट की मांग की है. उन्होंने ये भी मांग की है कि सबसे बुजुर्ग विधायक को प्रोटेम स्पीकर बनाया जाए.

इससे पहले 24 नवम्बर रविवार को सुनवाई हुई थी. बीजेपी ने अजित पवार के समर्थन के बाद महाराष्ट्र में सरकार बना ली थी. देवेंद्र फडणवीस ने सीएम पद की शपथ भी ले ली थी. उनके साथ ही एनसीपी नेता अजित पवार ने भी डिप्टी सीएम की शपथ ली थी. आज दोनों नेता अपना कार्यभार सँभालने की तैयारी कर रहे हैं.

23 नवम्बर की रात भर में गुपचुप तरीके से बनी सरकार को लेकर शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए थे. 24 नवंबर को रविवार होने के बाद भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी. इस मामले में आज फिर से सुनवाई हो रही है.