नई दिल्लीः महाराष्ट्र में भाजपा की सरकार बनते ही राजनीतिक दलों में आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है. शनिवार सुबह एनसीपी नेता अजित पवार के विधायकों के साथ समर्थन करने के बाद राजभवन में सुबह आठ बजे देवेंद्र फडणवींस को महाराष्ट्र का सीएम बनाया गया और अजीत पवार को डिप्टी सीएम नियुक्त किया गया. इस सरकार गठन के बाद शिवसेना और एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने एक साझा प्रेस कांफ्रेंस की. प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस पार्टी ने भाग नहीं लिया. शरद पवार ने सबसे पहले संबोधित करते हुए कहा कि एनसीपी भाजपा के साथ कभी नहीं है. उन्होंने कहा इस बात की हमें जानकारी नहीं थी राजभवन में शपथ समारोह चल रहा है.

शरद पवार ने यह भी दावा किया कि जो भी विधायकों को राजभवन ले जाया गया था उनमें से कुछ पार्टी में वापस आ गए हैं. इसके अलावा उन्होंने विधायकों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो भाजपा के साथ चले गए हैं या फिर जाने की सोच रहे हैं उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि देश में एंटी डिफेक्शन लॉ है और दल बदलने पर इसके तहत कार्रवाई की जाएगी.


प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार बनाने के लिए बहुमत हमारे पास है और राज्य में सरकार तो हम ही बनाएंगे. एनसीपी ने कहा कि अजित पवार के खिलाफ कार्रवाई के बारे में पार्टी बैठक में निर्णय लिया जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने की महाराष्ट्र की राजनीति की आखिरी बाजी हम ही जीतेंगे.

उद्धव ठाकरे ने संबोधित करते हुए कहा कि ये जो खेल चल रहा है उसे पूरा देश देख रहा है. उन्होंने कहा कि शिवसेना जो करती है ताल ठोक कर करती है और हम हमेंशा ही जोड़ने का काम करते है न कि तोड़ने का. शरद पवार ने कहा कि जिन नेताओं को राजभवन में ले जाया गया था उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि वहां पर शपथ समारोह चल रहा है. हालांकि शरद पवार ने इस बात को माना कि अभी यह पूरी तरह से नहीं कहा जा सकता कि सभी विधायक वापस आ पाएंगे या नहीं.