मुंबई: देश भर में पिछले एक महीने से ज़्यादा से नागरिगता विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है. इस प्रदर्शन में छात्रों, महिलाओं के साथ-साथ पेशेवर लोग भी शामिल हैं. दिल्ली के शाहीन बाघ से इस आंदोलन ने हुंकार भरी और कई शहरों में फैल गई. सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने मंगलवार को कहा कि महाराष्ट्र सरकार नागपाड़ा में ‘मुंबई बाग’ के प्रदर्शनकारियों से डरी हुई है, इसलिए उन्हें दबाने के लिए पुलिस बल का प्रयोग कर रही है.

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए पाटकर ने कहा कि यदि उद्धव ठाकरे सरकार ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) पर स्पष्ट रूख अपना लिया है तो फिर पुलिस हस्तक्षेप क्यों कर रही है.

पाटकर ने शहर के अलग-अलग हिस्सों के लोगों से अनुरोध किया कि वे ‘मुंबई बाग’ आकर प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करें. दरअसल प्रदर्शन स्थल को दिल्ली के ‘शाहीनबाग’ की तर्ज पर मीडिया और स्थानीय लोगों द्वारा ‘मुंबई बाग’ कहा जा रहा है. दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की बेहतरीन जीत पर पाटकर ने कहा कि लोगों ने विकास को जनादेश दिया है और साम्प्रदायिक राजनीति को खारिज किया है.