मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने नए कृषि अध्यादेशों को लागू करने के अपने 10 अगस्त के विवादास्पद आदेश पर रोक लगा दी है, जो कि अब कानून का रूप ले चुके हैं. महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महाविकास अघाड़ी ने अगस्त में ही विवादास्पद कृषि विधेयकों को लागू कर दिया था, जो सरकार के लिए बड़ी शर्मिदगी के तौर पर उभरकर सामने आया है. Also Read - महाराष्ट्र के इस गांव में होती है रावण की पूजा, नहीं जलाते हैं पुतले; आखिर क्यों?

ये विधेयक पिछले सप्ताह संसद में पारित हुए हैं और राज्य सरकार ने इसके पारित होने से पहले इसे लागू कर दिया था. इन विधेयकों को लेकर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. ये विधेयक, कृषक उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक 2020, कृषक (सशक्तीकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक 2020 हैं. Also Read - मुंबई में कोरोना की वजह से सबसे ज्यादा मौत, 10 हजार के पार पहुंचा आंकड़ा

मार्केटिंग के निदेशक सतीश सोनी द्वारा 10 अगस्त को जारी अधिसूचना में सभी कृषि उपज एवं पशुधन बाजार समितियों (एपीएमसी) और जिला कृषि सहकारी समितियों को राज्य में प्रस्तावित कानूनों पर तीन अध्यादेशों को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया गया था. पहली बार विवादास्पद मुद्दे (28 सितंबर) को उजागर किए जाने के दो दिन बाद यह कदम सामने आया है. इसके बाद राजनीतिक हलकों में बड़े पैमाने पर हलचल पैदा हो गई है. Also Read - 19 साल के लड़के ने तलवार से काटा केक, वीडियो हुआ वायरल तो क्राइम ब्रांच पहुंची घर...