नई दिल्लीः जहां एक दिन पहले शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस महाराष्ट्र में सरकार बनाने पर ध्यान दे रहे थे वही 24 घंटे के अंदर सब कुछ बदल गया. तीनों ही पार्टी अब सरकार गठन से अपना ध्यान हटाकर अपने विधायकों को पार्टी से जोड़े रखने के लिए हर कोशिश कर रही हैं. शनिवार की सुबह से ही एनसीपी के विधायक नितिन पवार गायब है और उनके बारे में अभी तक कोई खबर नहीं मिली है.

24 घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बाद नितिन पवार के बेटे ने नासिक के पंचवटी स्टेशन में अपने पिता के लापता होने की रिपोर्ट लिखवाई है. सूत्रों की मानें तो नितिन पवार के साथ साथ तीन अन्य विधायक के बारे में भी शनिवार सुबह से कोई खबर नहीं मिल रही है. बेटे ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि नितिन शनिवार को सुबह 6 बजकर 30 मिनट के लिए किसी जरूरी काम से मुंबई के लिए निकले थे लेकिन तब से उनका कोई पता नहीं है और न ही उनका फोन लग रहा है.

आपको बता दें कि नितिन पवार के साथ साथ महाराष्ट्र के शाहपुर से विधायक दौलत दरोड़ा के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है. दौलत की रिपोर्ट में भी यही बताया गया कि वह कई घंटों से गायब है और उनके बारे में कोई खबर नहीं मिल रही है.

बता दें कि शनिवार की सुबह देवेंद्र फडणवींस के महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद से ही सभी पार्टियों में अपने अपने विधायकों को बचाने की कवायद शुरू है. एनसीपी शिवसेना और कांग्रेस तीनों ही हार्स ट्रेडिंग के डर से अपने विधायकों को दूसरी जगहों में शिफ्ट कर रहे हैं.

भाजपा ने सरकार बनाने के बाद ऐलान किया था कि उनके पास 170 से अधिक विधायकों का समर्थन है लेकिन एनसीपी का आरोप है कि भाजपा जिन विधायकों के समर्थन की बात कर रही थी वे एनसीपी में लौट आएं है. तीनों ही राजनीतिक दलों ने देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है और माना जा रहा है कि पार्टियां कोर्ट से देवेंद्र फडणवींस सरकरा को बहुमत साबित करने के लिए कहेंगी. ऐसे में सबका ध्यान सिर्फ इसी बात पर है कि विधायकों को बचा कर रखा जाए.