मुंबई: महाराष्ट्र सरकार सूखा प्रभावित इलाकों से आने वाले छात्रों की फीस लौटाएगी. महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री आशीष शेलार ने सोमवार को कहा कि सरकार सूखा प्रभावित इलाकों से आने वाले छात्रों की फीस सीधा उनके बैंक खातों में डालने की मजबूत प्रणाली तैयार करेगा.

प्रश्न काल के दौरान विधानसभा में शेलार ने कहा कि छात्रों के गांव के नाम और राजस्व संहिता के साथ ही उनकी बैंक खातों की जानकारी ली जाएगी और जहां भी सूखा घोषित किया जाएगा, वहां छात्रों की फीस सीधे उनके खातों में भेज दी जाएगी. उन्होंने कहा कि फीस के अलावा लिखित परीक्षाओं के शुल्क, प्रायोगिक परीक्षाओं के शुल्क भी माफ कर दिए जाएंगे.

सदन में उठाए गए एक अन्य प्रश्न पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री मदन यरवार ने कहा कि पुणे जिले के लोनावाला हिल स्टेशन में लोकप्रिय ‘मगनलाल चिक्की’ (एक मीठा नाश्ता) दिसंबर 2018 में नियमित जांज के दौरान घटिया गुणवत्ता की पाई गई थी. इसके बाद उस पर जुर्माना लगा, उत्पादन करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

बता दें कि इस साल भी राज्‍य में कम बारिश और सूखे से हालात बिगड़े हुए हैं. महाराष्ट्र के विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र सहित चार उपसंभागों में बेहद कम बारिश हुई है. इन क्षेत्रों के जलाशयों में भंडारण बिलकुल निचले स्तर पर पहुंचने के कारण यहां सूखे जैसी स्थिति है.