मुंबई: महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी गई शुभकामनाओं पर रविवार को शुक्रिया अदा किया. साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को आश्वस्त किया कि वह राज्य के लोगों के लिए कठिन परिश्रम करेंगे. प्रधानमंत्री ने शनिवार को अजित पवार के उप मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद उन्हें बधाई दी थी. इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए पवार ने टवीट किया, ‘‘धन्यवाद माननीय प्रधानमंत्री, हम एक स्थायी सरकार सुनिश्चित करेंगे जो महाराष्ट्र के लोगों के कल्याण के लिए कठिन मेहनत करेंगे.’’ इसके अलावा तमाम उठापटक के बीच अजित पवार ने अपने ट्विटर हैंडल पर 24 घंटे से ज्यादा समय के बाद अपना बायो डिटेल भी बदलकर ‘महाराष्ट्र का उप मुख्यमंत्री’ लिख लिया.

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का शुक्रिया अदा करते हुए उन्होंने कहा, “माननीय अमित शाह जी आपकी शुभ कामनाओं के लिए धन्यवाद.” उप-मुख्यमंत्री पवार ने पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जे.पी नड्डा सहित केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल, स्मृति ईरानी और सुरेश प्रभु के बधाई संदेशों के प्रति आभार व्यक्त किया.

इसके अलावा, अजीत पवार ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंध (राजग) की सहयोगी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले को भी धन्यवाद देते हुए लिखा, “आपका मन: पूर्वक आभार रामदास अठावले जी.” यह मामला जहां सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अजीत पवार को अपने पाले में करने की कोशिसों में जुटा है. इस बीच उनके ट्वीट से यह झलक रहा है कि उनके मन में क्या चल रहा है.

बता दें कि शनिवार को सुबह पांच बजकर 47 मिनट पर राज्य से राष्ट्रपति शासन हटाया गया और देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर जबकि अजित पवार ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. जबकि इस घटनाक्रम की पूर्व संध्या पर राकांपा एवं शिवसेना नीत ‘महाराष्ट्र विकास अघाडी’ में मुख्यमंत्री के पद के लिए उद्धव ठाकरे के नाम पर सहमति बनी थी लेकिन अचानक अगले दिन सुबह राकांपा नेती अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पर दी शपथ लेकर सभी को चौंका दिया था.

हालांकि महाराष्ट्र में आनन-फानन में सरकार के गठन के बाद कांग्रेस, राकांपा और शिवसेना के शनिवार को राज्यपाल के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाने के बाद यह मामला अब न्यायालय में है. उच्चतम न्यायालय ने रविवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता से राज्य में राष्ट्रपति शासन हटाने की सिफारिश करने तथा देवेंद्र फडणवीस को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने वाली चिठ्ठी सोमवार की सुबह तक अदालत में पेश करने का निर्देश दिया है.