मुंबई डांस बार को अब हरी झंडी जरूर मिली है मगर कुछ ऐसे शर्तो के साथ जो है डांस बार चलाने क राह में रोड़ा। मगर क्या आप जानते है कैसे और कब शुरू हुआ था यह डांस बार का चलन। आपको बता दें की पहले बार में लड़कियों से डांस नहीं कराया जाता था। कहा जाता है की 1970 में यह महाराष्ट्र के बार मालिको ने बार में लड़कियों को रखने का सिलसिला शुरू किया था। जहां गरीब किसानों की बेटिओं को अपने बार में शराब परोसने के लिए रखा जाने लगा। डांस बार पर महाराष्ट्र सरकार के नए नियमों के बारे में चलिए आपको बतातें है। यह भी पढ़ें: शत्रुघ्न सिन्हा ने CBI के छापे पर उठाए सवाल, मोदी सरकार पर साधा निशाना

आपको यह बात तो पता ही होगी की दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने डांस बार को शुरू करने की इजाजत दे दी है। वही दूसरी ओर महाराष्ट्र सरकार के कड़े नियमों से ऐसा लग रहा है कि शायद ही डांस बार इन कड़े नियमों के कारण खुल पाएगा। अगर आपको डांस बार का लाइसेंस चाहिए तो आपको मानना पड़ेगा महाराष्ट्र सरकार के कड़े नियमों के ड्राफ्ट में लिखा हुआ हर एक नियम। आपको बता दें की मुंबई के डांस बार एसोसिएशन के साथ-साथ महिला आयोग भी इन नियमों पर फिर से विचार करने की बात कह रहें हैं।

महाराष्ट्र सरकार ने जो नियम जारी किए है डांस बार के लिए उसके मुताबिक डांस बार में लगेगा सीसीटीवी कैमरा जिसकी लाइव स्ट्रिमिंग नजदीकी पुलिस थाने में की जाएगी। किसी भी बार में सिर्फ 4 लड़कियां काम कर सकेंगी बतौर बार गर्ल। लड़कियों की उम्र 18 साल के ऊपर होनी चाहिए। लड़कियों से कम से कम ग्राहकों की दुरी 2 मीटर होनी चाहिए। वही लड़कियों के साथ ग्राहकों का डांस करने की मनाई के साथ पैसा उड़ाना भी माना है।