नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा के लोगों ने एक बार फिर दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों पर भरोसा जताया है और वे अगले पांच साल उनकी सेवा करने के लिये और ज्यादा मेहनत करेंगे. भाजपा मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मोदी ने हरियाणा में पार्टी के प्रदर्शन को “अभूतपूर्व” करार देते हुए कहा कि पार्टी ने 2014 के 33 फीसद के मुकाबले अपने मत प्रतिशत में इजाफा कर इस बार इसे 36 प्रतिशत तक पहुंचाया है. भाजपा प्रदेश में सबसे बड़े दल के तौर पर उभरने के बावजूद बहुमत के लिये जरूरी आंकड़े से दूर है.

मत प्रतिशत में ऐसे समय में भी बढ़ोतरी हुई है जब यह माना जाता रहा है कि सत्ताधारी दलों के खिलाफ चुनावों के दौरान कुछ मात्रा में ‘सत्ता विरोधी लहर’ काम करती है. भाजपा का मत प्रतिशत भले ही बढ़ा हो लेकिन हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा में उसकी सीटों का आंकड़ा 47 से घटकर 40 हो गया है. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और उनके महाराष्ट्र के समकक्ष देवेंद्र फड़णवीस की तारीफ करते हुए मोदी ने कहा कि खट्टर सरकार सभी वर्गों को साथ लेकर चली जबकि फड़णवीस का प्रशासन बेदाग रहा और वह बीते 50 सालों में महाराष्ट्र में कार्यकाल पूरा करने वाले पहले मुख्यमंत्री बने. मोदी ने कहा कि जब सरकारें अक्सर पांच साल बाद सत्ता खो देती हैं महाराष्ट्र और हरियाणा में फिर से पांच साल के लिये भाजपा को बहुमत देना उल्लेखनीय है.


मोदी ने हरियाणा में भाजपा के सांगठनिक नेता के तौर पर खट्टर के काम का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी हमेशा राज्य में एक दल या दूसरे दल के जूनियर पार्टनर के तौर पर चुनाव लड़ती रही है और 2010 के चुनाव से पहले अगर वह 10 सीटों का आंकड़ा भी पार कर लेती थी तो खुद को खुशनसीब मानती थी. प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के पहले भाजपा हमेशा महाराष्ट्र में जूनियर पार्टनर रही, हम शिवसेना के साथ रहे, सरकार भी बनी तो थोड़ा बहुत हमारे लोगों को काम करने का अवसर मिला.

उन्होंने कहा कि भाजपा प्रशासित राज्य केंद्रीय योजनाओं को “सुचारू” रूप से लागू कर रहे हैं जबकि विपक्षी शासन वाले राज्य उनका नाम बदलने में व्यस्त हैं. बैठक में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने नतीजों की सराहना करते हुए कहा कि मोदी 2.0 सरकार में पार्टी ने पहले दौर का चुनाव जीता है. उन्होंने कहा कि दोनों राज्य कभी भी परंपरागत रूप से भाजपा का गढ़ नहीं रहे हैं और 2014 से पहले उसका कोई मुख्यमंत्री भी इन राज्यों में नहीं रहा.

(इनपुट भाषा)