मुंबई. महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल को कन्नड़ गाना गाने पर अपने गृहनगर कोल्हापुर में विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा. कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच तीखा सीमा विवाद चल रहा है. महाराष्ट्र बेलगाम और कारवार पर दावा करता है जो फिलहाल कर्नाटक का हिस्सा है. यह मामला सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित है. Also Read - Palghar mob lynching case: कोर्ट ने गिरफ्तार 89 लोगों को जमानत दी, बताई ये वजह

Also Read - मुंबई में पति ने पत्‍नी को लोकल ट्रेन से दिया धक्‍का, नीचे गिरने पर हुई मौत, दो माह पहले की थी शादी

कर्नाटक में गोकाक के समीप एक निजी कार्यक्रम में एक निजी आमंत्रण पर पहुंचने पर मंत्री ने कन्नड़ गाना गाया था जिससे महाराष्ट्र एकीकरण समिति के नेताओं की भृकुटि तन गयी. समिति बेलगाम और कारवार को महाराष्ट्र में शामिल करने के लिए संघर्ष कर रही है. मीडिया की खबर के अनुसार इस गाने में कर्नाटक और उसकी संस्कृति की प्रशंसा की गयी है. Also Read - प्‍लेबैक सिंगर के एक ट्वीट पर दिग्‍गज मंत्री का खुलासा, उसकी बहन से रिश्‍ते में रहा हूं, पैदा हुए बच्‍चों का 'प‍िता' भी हूं

फिल्म पद्मावत की रिलीज के समर्थन में उतरी राज ठाकरे की पार्टी मनसे

फिल्म पद्मावत की रिलीज के समर्थन में उतरी राज ठाकरे की पार्टी मनसे

संयोग से वरिष्ठ बीजेपी नेता पाटिल इस विवाद का समाधान ढूढ़ने के लिए महाराष्ट्र सरकार द्वारा गठित समन्वय समिति के प्रमुख हैं. एक अधिकारी ने बताया कि कोल्हापुर में एकीकरण के कुछ कार्यकर्ताओं ने पाटिल के घर तक विरोध प्रदर्शन मार्च निकाला लेकिन पुलिस ने उन्हें कुछ दूर पहले ही रोक दिया.

पाटिल ने एक खबरिया चैनल ने कहा, मैं दुर्गा मंदिर के वास्तु शांत के लिए गोकाक के समीप एक गांव में गया था. जब हम किसी अन्य राज्य में जाते हैं तो हम स्थानीय भाषा में चंद लाइनें बोलते हैं. इसलिए मैंने भी देवी दुर्गा की स्तुति में कुछ लाइनें कहीं. एक गैर मुद्दे को मुद्दा बनाया जा रह है.