नई दिल्ली: देश में लॉकडाउन के कारण सभी लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में सरकार की सबसे बड़ी चिंता प्रवासी मजदूरों को लेकर है. इस लिहाज से सरकार प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्यों व उन्हें उनके घरों तक भिजवाने की व्यवस्था में जुटी हुई है. इस बीच महाराष्ट्र में आज ट्रेन की चपेट में आने से 15 प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई. घटना महाराष्ट्र के औरंगाबाद की है. यहां सभी मजदूर पटरी के सहारे से जालना से भुसावल की ओर पैदल अपने घरों (मध्य प्रदेश) की तरफ जा रहे थे. इस दौरान थककर सभी मजदूर पटरी पर ही लेट गए और सुबह के वक्त एक ट्रेन यहां से गुजरी जिसकी चपेट में आने से सभी की मौत हो गई. रेलवे विभाग ने इस मामले की पुष्टि करते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं. Also Read - हथिनी की मौत का मामला: केरल के CM ने कहा- कार्रवाई होगी, मेनका गांधी बोलीं- राहुल गांधी क्यों नहीं ले रहे एक्शन?

वहीं इस मामले पर कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने दुख जताया. गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि महाराष्ट्र में एक रेल दुर्घटना के कारण कई लोगों की जान का नुकसान हुआ है. मैंने रेल मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय सरकार और रेलवे प्रशासन के संबंधित अधिकारियों से बात की है ताकि हर संभव सहायता सुनिश्चित की जा सके. मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदना है. Also Read - 9 जून को वर्चुअल रैली के जरिए बिहार में चुनावी बिगुल फूकेंगे अमित शाह, RJD मनाएगी 'गरीब अधिकार दिवस'


वहीं इस मामले पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में रेल दुर्घटना अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है. इस हादसे में अपनों को खोने वाले लोगों के प्रति मेरी संवेदना. मैं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद में मालगाड़ी की चपेट में आने से कई प्रवासी मजदूरों की मौत पर दुख प्रकट करते हुए शुक्रवार को कहा कि राष्ट्र का निर्माण करने वाले श्रमिकों के साथ किए जा रहे व्यवहार पर हमें शर्म आनी चाहिए.

राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘मालगाड़ी से कुचलकर मजदूर भाई-बहनों के मारे जाने की ख़बर से स्तब्ध हूं. हमें अपने राष्ट्र निर्माणकर्ताओं के साथ किये जा रहे व्यवहार पर शर्म आनी चाहिए.’ ‘मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं.’

वहीं इस मामले पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद में ट्रेन दुर्घटना में 14 प्रवासी मजदूरों की मौत पर शुक्रवार को दुख जताया और रेल मंत्री पीयूष गोयल से त्वरित जांच और उचित व्यवस्था की मांग की. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की तरफ से हरेक मृतक श्रमिक के परिजनों को पांच-पांच लाख रूपये की आर्थिक मदद दी जाएगी.

चौहान ने ट्वीट किया, ‘औरंगाबाद से अपने घर लौट रहे कई श्रमिक भाइयों के ट्रेन हादसे में आकस्मिक निधन का दुखद समाचार मिला. ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और परिजनों को यह गहन दु:ख सहन करने की शक्ति देने तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं. विनम्र श्रद्धांजलि.’ उन्होंने कहा, ‘दु:ख की इस घड़ी में शोकाकुल परिवार स्वय को अकेला न समझे. आपके साथ मैं और पूरी मध्य प्रदेश सरकार खड़ी है.’

चौहान ने कहा, ‘औरंगाबाद में हुए रेल हादसे से हृदय पर ऐसा कुठाराघात हुआ है कि मैं उसे शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता. संवेदना से मन भर जाता है. मैंने रेल मंत्री पीयूष गोयल जी से बात की है और उनसे त्वरित जांच और उचित व्यवस्था की मांग की है.’ उन्होंने कहा, ‘इसके अलावा मध्यप्रदेश सरकार की तरफ से हरेक मृतक श्रमिक के परिजनों को पांच-पांच लाख रूपए दिए जाएंगे और घायलों के इलाज की पूरी व्यवस्था की जाएगी.’ चौहान ने कहा, ‘मैं विशेष विमान से उच्च अधिकारियों की एक टीम भेज रहा हूं, जो वहां पर मृतकों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था करेगी और घायलों की हर सम्भव मदद करेगी.’

उन्होंने कहा, ‘मैं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे जी से भी लगातार बात कर रहा हूं और यह व्यवस्था कर रहा हूं कि घायल श्रमिकों के उपचार में कोई भी कमी न रहे.’ औरंगाबाद जिले में रेल की पटरियों पर सो रहे कम से कम 14 प्रवासी मजदूरों की शुक्रवार सुबह एक मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत हो गई. भुसावल की ओर पैदल आ रहे ये मजदूर मध्य प्रदेश लौट रहे थे. वे रेल की पटरियों के किनारे चल रहे थे और थकान के कारण पटरियों पर ही सो गए थे.

(इनपुट-भाषा)