मुंबई: महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार के राज्यव्यापी प्लास्टिक प्रतिबंध से करीब 15,000 करोड़ रुपये का नुकसान होगा और इससे करीब तीन लाख रोजगार प्रभावित होंगे. प्लास्टिक विनिर्माण उद्योग ने यह आशंका व्यक्त की है. राज्य सरकार ने कैरी बैग्स और थर्मोकोल सहित प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. भारतीय प्लास्टिक बैग विनिर्माण संघ के महासचिव नीमित पुनामिया ने कहा कि महाराष्ट्र में शनिवार से लागू हुए इस प्रतिबंध से उद्योग को बड़ा झटका लगा है और उसे 15,000 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका है. इससे रातों रात तीन लाख लोग बेरोजगार हो गए हैं. Also Read - LPG Price: एलपीजी सिलेंडर के दाम में हुई वृद्धि, जानें अब कितना करना होगा भुगतान

प्रतिबंध को पक्षपातपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि संघ के करीब 2,500 सदस्यों के पास अपनी दुकान को बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है. राज्य सरकार ने 23 मार्च को प्लास्टिक के सामान एक बार इस्तेमाल वाले बैग , चम्मच , प्लेट , पेट बोतल और थर्मोकोल के उत्पादों के विनिर्माण , इस्तेमाल , वितरण और भंडारण पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी. सरकार ने इसके स्टॉक को निकालने के लिए तीन महीने का समय दिया था. यह समय सीमा 23 जून को समाप्त हो गई. उद्योग के लोगों का कहना है कि प्रतिबंध से नौकरियों का नुकसान होगा जिससे राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) प्रभावित होगा. इससे प्लास्टिक क्षेत्र में बैंकों का डूबा कर्ज भी बढ़ेगा. Also Read - मुंबई: कोरोना महामारी के चलते इस साल स्थापित नहीं की जाएगी लाल बाग के राजा की मूर्ति

प्रतिबंध के बावजूद प्लास्टिक का इस्तेमाल करने वाले से पहली बार पांच हजार, दूसरी बार 10 हजार का जुर्माना वसूला जाएगा और तीसरी बार 25 हजार रुपए और तीन माह के करावास तक की सजा दी सकती है. मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने का कहना है कि प्लास्टिक प्रतिबंध तभी सफल हो सकता है जब सभी पक्षकार इस पहल का समर्थन करें. उन्होंने कहा कि हम प्लास्टिक के जिम्मेदार तरीके से इस्तेमाल को प्रमोट करना चाहते हैं इसलिए हमने उस प्रकार के प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया है जिसे एकत्रित नहीं किया जा सकता और जिसका पुन:चक्रण(रीसाइकिल) नहीं किया जकता. Also Read - Petrol Diesel Price Update: पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर, जानें आपके शहर में तेल का भाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिबंध प्रदूषकों पर एक प्रकार का दायित्व डालेगा लेकिन इसी के साथ कुछ छूट भी दी गई है ताकि बाजार में बेहतर विकल्प आने तक रोजगार प्रभावित नहीं हो. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हम पुलिस राज को बढ़ाना नहीं चाहते और व्यापारियों तथा छोटे कारोबारियों की चिंताओं को दूर करना चाहते हैं.