शर्मनाक! पुलिसवाला 5 महीने से कर रहा था दुष्कर्म, DSP ने भी नहीं सुनी पुकार...तो हथेली पर सुसाइड नोट लिख डॉक्टर ने दे दी जान

अपनी बाईं हथेली पर लिखे एक नोट में पीड़िता ने एसआई गोपाल बडने पर शारीरिक और मानसिक शोषण का आरोप लगाया और कहा कि उनके लगातार उत्पीड़न ने उसे आत्महत्या करने पर मजबूर किया.

Published date india.com Published: October 24, 2025 4:29 PM IST
Satara doctor suicide
Satara doctor suicide

महाराष्ट्र से एक बेहद दिल दहला देने वाली खबर ने सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक लोगों को आक्रोशित कर दिया है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक राज्य के सतारा स्थित एक जिला अस्पताल में महिला डॉक्टर ने अपनी हथेली सुसाइड नोट लिखकर जीवनलीला समाप्त कर ली. डॉक्टर ने अपनी आत्महत्या की वजह एक पुलिसवाले पर को बताया है, जो कथित तौर पर पांच महीने से उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था. मृतका ने अपने नोट में ये भी बताया कि उसने कुछ दिन पहले डीएसपी को भी अपनी आपबीती से अवगत कराया गया था, लेकिन उसकी पुकार नहीं सुनी गई. अंत में महिला डॉक्टर ने आत्महत्या कर राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है.

पीड़िता ने DSP को सुनाई थी आपबीती

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह दर्दनाक घटना गुरुवार रात सतारा के फलटन उप-जिला अस्पताल में हुई. मृतका ने अपनी बायीं हथेली पर साफ शब्दों में लिखा कि पुलिस सब-इंस्पेक्टर गोपाल बडने उसकी आत्महत्या का कारण है. डॉक्टर के नोट के मुताबिक, बडने ने चार बार दुष्कर्म किया और लगातार मानसिक व शारीरिक तौर पर प्रताड़ित किया. सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि डॉक्टर ने अपनी मौत से कई महीने पहले, 19 जून को ही उप-विभागीय पुलिस उपाधीक्षक (DSP) को एक पत्र लिखकर अपनी आपबीती बताई थी. उस पत्र में उन्होंने गोपाल बडने समेत दो अन्य पुलिस अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था और कानूनी कार्रवाई की मांग की थी.

विपक्ष ने उठाया प्रदेश सरकार की नीयत पर सवाल

बावजूद इसके, उनकी पुकार नहीं सुनी गई, जिसके बाद उन्होंने ये भयानक कदम उठाया. इस घटना के बाद अब राज्य की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. विपक्ष ने सत्ताधारी महायुति सरकार पर तीखा हमला किया है. कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने सवाल उठाया, ‘जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो न्याय कैसे मिलेगा? पहले शिकायत करने पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? पुलिस के अत्याचार बढ़ रहे हैं क्योंकि सरकार उन्हें बचाव दे रही है.’ उन्होंने सिर्फ जांच के आदेश से संतुष्ट न होते हुए दोषी पुलिस अधिकारियों को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की है, ताकि वे जांच को प्रभावित न कर सकें.

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