मुंबई: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को एक पत्र लिख कर महाराष्ट्र में शराब की दुकानें खोलने का अनुरोध करते हुए कहा कि इससे राज्य के कोषागार में राजस्व बढ़ेगा. राज ने इसके पीछे यह तर्क दिया कि कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिये लागू लॉकडाउन के दौरान राज्य का खजाना तेजी से खाली हो रहा है. Also Read - लॉकडॉउन में नोएडा में गेस्‍ट हाउस में बेफ्र‍िक्री से चल रहा था सेक्‍स रैकेट, ग्राहकों के साथ लड़कियां पकड़ी गईं

मनसे प्रमुख राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) को लिखे पत्र में कहा है कि शराब की दुकानें खुली रखने की इजाजत देने का मतलब शराब पीने वालों की जरूरत को पूरा करने की कोशिश नहीं है, बल्कि कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर राज्य द्वारा सामना की जा रही इस मुश्किल घड़ी में राजस्व को बढ़ाना है. उन्होंने कहा कि करीब एक महीने पहले लॉकडाउन लागू होने के बाद से बंद शराब की दुकानें सामाजिक मेलजोल से दूरी के नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए खोलने की इजाजत दी जा सकती हैं उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इस नाजुक घड़ी में नैतिकता के विषय में नहीं उलझना चाहिए और आवश्यक निर्णय लेना चाहिए. Also Read - महाराष्ट्र में चढ़ा राजनीतिक पारा, राहुल गांधी ने सीएम उद्धव ठाकरे से की बात, शिवसेना ने कहा- कांग्रेस सरकार में...

मनसे प्रमुख ने पत्र में कहा, ‘‘इसके बजाय, समस्या का सामना किया जाए और समाधान तलाशा जाए.’’ उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान राज्य का खजाना तेजी से खाली हो रहा है. लॉकडाउन तीन मई तक बढ़ा दिया गया है. उन्होंने वहनीय मूल्य पर भोजन उपलब्ध कराने के लिये होटलों और रसोइयों को इजाजत देने की अपील की क्योंकि महाराष्ट्र की आबादी का एक बड़ा हिस्सा इन पर निर्भर है. मनसे प्रमुख ने कहा कि इससे राज्य की कमजोर पड़ रही अर्थव्यवस्था में नयी जान फूंकने में मदद मिलेगी. Also Read - लॉकडाउन में अक्षय कुमार के लिए कुछ नहीं बदला, सुबह-सुबह ही इस काम पर लग जाते हैं