मुंबई: पिछले कुछ समय के तनावपूर्ण संबंधों के बीच सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल भाजपा और शिवसेना ने सोमवार को आगामी लोकसभा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ने की घोषणा की. महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से भाजपा 25 पर और शिवसेना 23 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. दोनों पार्टियां इस साल प्रस्तावित 288 सदस्यीय राज्य विधानसभा में बराबर बराबर सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगी. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणनवीस, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मनोहर जोशी और दोनों तरफ के वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार शाम संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की.

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जनभावना यह है कि दोनों दलों को एकसाथ आना चाहिए. शाह ने कहा कि भाजपा और शिवसेना गठबंधन महाराष्ट्र में 48 में से कम से कम 45 लोकसभा सीटें जीतेगा.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा, हमने राष्ट्र के हित में यह निर्णय लिया है और हमें विश्वास है कि एनडीए 2019 में सत्ता में आएगा. मुख्यमंत्री फड़नवीस ने कहा महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए, हम अपने अन्य सहयोगियों के साथ चर्चा करेंगे. हमारे सहयोगी दलों द्वारा ली गई सीटों की संख्या को छोड़ दें, तो भाजपा और शिवसेना बराबर सीटों पर लड़ेंगे.

फडणवीस ने कहा, ”हम समान विचारधारा और राष्ट्रीयता की भावना के कारण पिछले 25 सालों से साथ हैं. 2014 के चुनावों में हम कुछ कारणों से अलग हो गए थे लेकिन बाद में लगभग पांच साल से हम महाराष्ट्र और केंद्र मे साझेदार हैं.”

फडणवीस ने कहा, हम अपने पांच साल के प्रदर्शन के दम पर केंद्र और राज्य, दोनों जगहों पर वापसी में आने के लिए आश्वस्त हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने, किसानों विशेषकर जो अभी भी कृषि ऋण के लाभ से वंचित हैं, ग्रामीण लाभकर्ताओं के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लागू करने में आने वाली समस्याओं को हल करने सहित शिवसेना की सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है.

 

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र के सीएम ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभी महत्वपूर्ण बातों को आगे रखा है. मुझे नहीं लगता कि मुझे कुछ भी जोड़ने की जरूरत है. आगे जाने से पहले, मैं उन सैनिकों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने पुलवामा हमले में अपनी जान गंवाई.

शाह ने कहा कि भाजपा और शिवसेना के करोड़ों कार्यकर्ता चाहते हैं कि दोनों दलों के बीच गठबंधन हो. शिवसेना भाजपा की सबसे पुरानी सहयोगी है. ठाकरे ने कहा कि राम मंदिर भाजपा और शिवसेना के बीच गठबंधन की साझी डोर है. उन्होंने कहा कि इसे जल्द से जल्द बनाया जाना चाहिए. फडणवीस ने कहा कि भाजपा और शिवसेना राष्ट्रीय विचारधारा वाली पार्टियां हैं, जो वृहद लोकहित में एक साथ आए हैं. सैद्धांतिक रूप से दोनों दल हिन्दुत्ववादी हैं.

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष में कांग्रेस नेता राधाकृष्णा विखे-पाटील ने आरोप लगाया कि शिवसेना को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा मामलों में फंसाने की धमकी देकर गठबंधन के लिए बाध्य किया गया है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रदेश प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ‘चौकीदार चोर है’ कहने वाली शिवसेना अब भाजपा से गठबंधन कर रही है.