सोलापुर (महाराष्ट्र): सोलापुर संसदीय सीट (Solapur Loksabha Seat) से भाजपा सांसद जय सिद्धेश्वर शिवाचार्य महास्वामी (Siddheshwar Shivacharya) के खिलाफ फर्जी जाति प्रमाण (Caste Certificate) पत्र बनवाए जाने का मामला सामना आया है. फर्जी प्रमाण पत्र उन्होंने 2019 लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए बनवाया. बताया जा रहा है कि वहलिंगायत समुदाय से आते हैं जबकि उन्होंने अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनवाकर अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सोलापुर सीट से चुनाव लड़ा, जिसमें उन्हें जीत भी मिली थी. Also Read - भाजपा अध्यक्ष ने कहा- लॉकडाउन में पैदल घर को निकले लोगों की मदद करें पार्टी कार्यकर्ता 

प्रमाण पत्र को एक जिला स्तरीय समिति द्वारा ‘‘अमान्य’’ करार दिए जाने के कुछ दिन बाद गुरुवार को यहां स्वामी के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज किया गया. यह जानकारी एक अधिकारी ने दी. गौरतलब है कि सोलापुर लोकसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. प्रमोद गायकवाड़ नामक व्यक्ति ने स्वामी के खिलाफ समिति से शिकायत की थी कि 2019 के आमचुनाव में सौंपे गए हलफनामे में स्वामी ने खुद को अनुसूचित जाति का होने की गलत जानकारी दी थी. Also Read - राहुल गांधी ने सरकार को सराहा, कहा- आर्थिक पैकेज की घोषणा सही दिशा में पहला कदम

गायकवाड़ ने दावा किया था कि स्वामी दरअसल हिन्दू लिंगायत समुदाय से हैं और इस मामले की जाँच की मांग की थी. तीन सदस्यीय समिति ने विस्तृत जांच के बाद कहा कि स्वामी अनुसूचित जाति के नहीं हैं. समिति ने स्वामी के जाति प्रमाण पत्र को अमान्य और जाली करार दिया. शिवाचार्य ने कांग्रेस के सुशील कुमार शिंदे को डेढ़ लाख से अधिक वोटों से हराया था. शिवाचार्य को 5 लाख 24 हजार से अधिक वोट मिले थे, जबकि सुशील कुमार शिंदे को 3 लाख 66 हजार वोट ही मिले थे. इस सीट पर 18 अप्रैल, 2019 को दूसरे चरण में वोटिंग हुई थी. Also Read - मध्‍य प्रदेश विधानसभा में शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष की गैरमौजूदगी में विश्‍वास मत हासिल किया