
Shivendra Rai
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले शिवेन्द्र राय को हिंदी डिजिटल पत्रकारिता में 5 साल का अनुभव है. वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से इतिहास में एमए ... और पढ़ें
2025 Prayagraj Kumbh Mela: दुनिया के सबसे बड़े आयोजन महाकुंभ का बुधवार को आखिरी दिन है. श्रद्धालु आखिरी पवित्र स्नान में शामिल होने के लिए त्रिवेणी संगम पर पहुंचे. यहां श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गई. गोरखनाथ मंदिर स्थित स्थित नियंत्रण कक्ष से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पुण्य स्नान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे रहे हैं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “महाकुम्भ-2025, प्रयागराज में भगवान भोलेनाथ की उपासना को समर्पित महाशिवरात्रि के पावन स्नान पर्व पर आज त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाने हेतु पधारे सभी पूज्य साधु-संतों, कल्पवासियों एवं श्रद्धालुओं का हार्दिक अभिनंदन! त्रिभुवनपति भगवान शिव और पुण्य सलिला माँ गंगा सभी का कल्याण करें, यही प्रार्थना है. हर हर महादेव!”
यह हमारी आध्यात्मिक चेतना का वंदन है,
आस्था-समरसता-एकात्मता का स्पंदन है,
सनातन की सर्वसमावेशिता का अभिनंदन है…हर हर महादेव! pic.twitter.com/NGJ53u2HlO
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 26, 2025
महाकुंभ के सफल आयोजन के लिए संतों ने उत्तर-प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई दी है. जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज ने महाकुंभ को भारत की सनातन संस्कृति और सामाजिक समरसता का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह आयोजन विश्व में अनूठा है. इस अद्भुत आयोजन को सफल बनाने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई दी.
जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने महाकुंभ-2025 के समापन पर कहा कि महाकुंभ हमारी दिव्यताओं का प्रतीक है. हमारी संस्कृति तब से चली आ रही है, जब से अंबर, अग्नि, जल, वायु और मानव अस्तित्व में आए. उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि के ‘पूजन’ के साथ महाकुंभ की परंपराएं विधिवत संपन्न हो जाएंगी.
महाशिवरात्रि के पर्व पर भगवान शिव के दर्शन के लिए देश भर के शिवालयों में लोग जुट रहे हैं. कई प्रमुख मंदिरों में दर्शन के लिए भक्त मंगलवार रात से ही कतार लगाए हुए हैं. महाशिवरात्रि की धूम जम्मू-कश्मीर में भी दिख रही है. महाशिवरात्रि के अवसर पर जम्मू के रणबीरेश्वर मंदिर, शंभू मंदिर और अन्य मंदिरों में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.
महाशिवरात्रि वह दिन है जब भक्त भोलेनाथ को प्रिय सामग्री चढ़ाकर उन्हें और प्रसन्न कर सकते हैं. मान्यता है कि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की सालगिरह के रूप में मनाए जाने वाले इस पर्व में शिवलिंग पर दूध, दही के साथ कुछ और खास सामग्रियां चढ़ाने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और भगवान की विशेष कृपा मिलती है.
महाशिवरात्रि हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है. पंचांग के अनुसार, इस साल महाशिवरात्रि 26 फरवरी को है. इस दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा में कुछ खास चीजों को जरूर शामिल करना चाहिए. प्रदोष काल में गंगाजल, गाय का दूध, दही, शहद एवं चीनी शिवलिंग पर चढ़ाना चाहिए.
इसके बाद शिवलिंग पर इत्र मल-मलकर लगाना चाहिए और फिर वस्त्र, रोली, भस्म, अक्षत, फूल, बेलपत्र, मौली, अष्टगंध, काला तिल, भांग चढ़ाकर पंचाक्षर मंत्र ‘ऊं नमः शिवाय’ का जाप करना चाहिए. इसके बाद शिव जी को धतूरा, मन्दार का फूल, दूब (या दूर्वा) भी चढ़ाना चाहिए जो उन्हें अत्यन्त प्रिय होता है. महादेव की पूजा करने के साथ ही माता पार्वती को सिंदूर, मेहंदी, आलता, चूड़ी, रोली, माला, फूल के साथ इत्र और श्रृंगार के अन्य सामान अर्पण करने चाहिए.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.