देश के पहले उपप्रधानमंत्री सरदार बल्लभभाई पटेल की आज 143 जयंती है. इस मौके पर आज उनकी प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ को राष्ट्र को समर्पित किया गया. ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज खुद इस प्रतिमा को राष्ट्र को समर्पित किया. इस मौके पर सरदार पटेल के परिवार के लोग भी मौजूद थे. उनका कहना है कि उनके महान पूर्वज सरदार पटेल के साथ अन्याय किया गया. उन्हें स्वतंत्र भारत का प्रधानमंत्री नहीं बनाया गया, जबकि वह उसके वास्तविक हकदार थे.

सरदार पटेल के सबसे बड़े भाई सोमाभाई पटेल के पोते धीरूभाई पटेल ने हमारे सहयोगी अखबार डीएनए से खास बातचीत में कहा कि महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू ने पटेल को भारत का प्रधानमंत्री नहीं बनने दिया. उन्होंने कहा कि अगर सरदार पटेल देश के पहले पीएम बने होते तो आज देश का तकदीर कुछ और होती.

काफी बूढ़े हो चुके धीरूभाई ने कहा कि सरदार पटेल की छवि हमेशा से साफ सुथरी थी. उनके दामन पर कभी कोई दाग नहीं लगा था. आज नेहरू-गांधी परिवार की सभी करतूतें सामने आ चुकी हैं. परिवार के सदस्य होने के नाते हम सभी चाहते हैं कि सरदार पटेल को देश का पहला पीएम बनाया जाना चाहिए था. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरदार पटेल के बारे में भ्रम फैलाती रही है. कांग्रेस ने नेहरू को महिमामंडित करने के लिए पटेल के योगदान को सामने नहीं आने दिया.

धीरूभाई और उनके परिवार के लोग यह मानते है कि आज सरदार पटेल की चर्चा दुनियाभर में हो रही है तो उसका पूरा श्रेय पीएम नरेंद्र मोदी क दिया जाना चाहिए. धीरूभाई की बहन उर्मिलाबेन ने कहा कि आज हम खुश है. अगर आप बीते समय को अलग कर दें तो यह हमारे परिवार के लिए गर्व का समय है. हमारे दादा को यह सम्मान मिला है. वह एक महान नेता थे. धीरूभाई ने कहा कि गांधी जी हमेशा कहते थे कि नेहरू आसमान में उड़ते हैं लेकिन सरदार पटेल जमीन से जुड़े नेता थे. नरेंद्र मोदी भी वैसे ही नेता हैं.