राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तथा उनके सबसे बड़े पुत्र हरीलाल के बीच तनावपूर्ण संबंध थे। इस बात का खुलासा तब हुआ था जब बापू में बताने वाले तीन पत्रों की लंदन में नीलामी के  बाद यह मामला सामने आया था। इन पत्रों में महात्मा गांधी ने अपने बेटे पर बलात्कार का आरोप लगाते हुए घटना को दुखद बताया था। महात्मा गांधी ने आरोप लगाया था कि हरिलाल ने अपनी ही बेटी मनु से उस समय रेप किया जब वह आठ साल की भी नहीं थी। Also Read - अमेरिका में किसान आंदोलन का उग्र समर्थन, महात्मा गाँधी की प्रतिमा तोड़ी, खालिस्तानी झंडे लहराया

महात्‍मा गांधी ने अपने बेटे हरिलाल को पत्र में लिखा था कि देश को अंग्रेजों से मुक्त कराने से ज्यादा मुश्किल है तुमको सुधारना। इसकी जानकारी तब सामने आई जब ब्रिटेन में उनके पत्र को नीलामी के लिए रखने की घोषणा हुई थी। इन तीन पत्रों में गांधीजी ने अपने बड़े बेटे हरिलाल के चरित्र पर गुस्सा जाहिर करते हुए अपनी ही बेटी से बलात्कार तक के आरोप लगाए हैं। गुजराती भाषा में लिखे गए इन पत्रों में गांधीजी ने लिखा है कि …मनु तुम्हारे बारे में कई खतरनाक बातें बताई हैं। वह कहती है कि तुमने आठ साल पहले उससे (मनु से) बलात्कार किया था और उससे वह इस कदर आहत हुई थी कि उसे इलाज कराना पड़ा था। Also Read - ममता बनर्जी ने कहा- महात्मा गांधी को मारने वालों के आगे नहीं झुकेगा पश्चिम बंगाल, जेल में रहना पसंद करूंगी, लेकिन...

हरिलाल गांधी पढ़ाई के लिए इंग्लैंड जाना चाहते थे ताकि वह उनकी तरह बैरिस्टर बन सके लेकिन महात्मा गांधी ने इसका विरोध किया था और कहा था कि पश्चिमी शिक्षा ब्रिटिश राज के खिलाफ संघर्ष में मददगार नहीं हो सकती. इसके चलते हरिलाल ने 1911 में अपने परिवार से अपने सभी संबंध तोड़ लिये थे। हरिलाल के अपने पिता के साथ संबंधों में समस्या उनके पूरे जीवनभर जारी रही.इस बलात्कार के कारण उसे तुरंत मेडिकल ट्रीटमेंट देना पड़ा था और वह मानसिक रूप से बुरी तरह प्रताडित हुई थी।” उल्लेखनीय है कि मनु बाद में गांधीजी के साथ उनके साबरमती आश्रम में रहने के लिए आ गई थी। Also Read - ब्रिटेन में आखिर क्यों गिराई जा रही है महात्मा गांधी की मूर्ती! ये वजह आई सामने