जम्मू. दक्षिण एशिया में शांति के लिये भारत और पाकिस्तान के बीच संवाद बहाल करने को ‘‘अनिवार्य’’ बताते हुए जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अपील की कि कश्मीर की खातिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पाकिस्तान में अपने समकक्ष इमरान खान की ओर मित्रता का हाथ बढ़ाना चाहिए. पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष ने यह भी अपील की कि दोनों पड़ोसी देशों के बीच शांति की प्रक्रिया बहाल करने के लिये प्रधानमंत्री को दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नक्शेकदम पर चलना चहिए. Also Read - कोरोना महामारी के बीच पीएम मोदी ने देश के किसानों को दी बड़ी सौगात, 1 लाख करोड़ की योजना को किया लॉन्च

राजौरी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीडीपी अध्यक्ष ने कहा, दक्षिण एशिया में शांति सिर्फ तभी संभव है जब जम्मू कश्मीर में शांति सुनिश्चित होगी. बता दें कि मुफ्ती ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई थी. इसी साल बीजेपी के सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद ये सरकार टूटी है. इस समय जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है. Also Read - PM Kisan Samman Yojana: 8.5 करोड़ किसानों की छठी किस्त के लिए पीएम मोदी आज जारी करेंगे फंड, इस दिन से खाते में आएंगे पैसे

डोभाल ने बताय त्रुटि
दूसरी तरफ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर के लिए अलग संविधान होना संभवत: एक ‘‘त्रुटि’’ थी. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि संप्रभुता से कभी समझौता नहीं किया जा सकता. डोभाल ने कश्मीर पर यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब उच्चतम न्यायालय संविधान के अनुच्छेद 35-ए की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है. Also Read - राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला, बोले- जब जब देश भावुक हुआ, फाइलें गायब हुईं

अनुच्छेद 35-ए पर ये कहा
अनुच्छेद 35-ए के तहत जम्मू-कश्मीर के स्थायी निवासियों को खास तरह के अधिकार और कुछ विशेषाधिकार दिए गए हैं. देश के पहले उप-प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल पर लिखी एक किताब के विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए डोभाल ने कहा कि उन्होंने देश की मजबूत आधारशिला रखने में अहम योगदान किया है.