वाराणसी: श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे रविवार को वाराणसी पहुंच गए, जहां वह बाबा विश्वनाथ और कालभैरव का दर्शन करेंगे. इसके बाद वह होटल ताज में विश्राम कर दोपहर में वह सारनाथ भगवान बुद्ध की अस्थियों का अवशेष देखने और उनकी प्रथम उपदेश स्थली को नमन करने जाएंगे. इससे पहले बाबतपुर हवाईअड्डा पहुंचने पर एयरपोर्ट के निदेशक आकाशदीप ने उनका स्वागत किया. महाबोधि सोसायटी ऑफ इंडिया के संयुक्त सचिव भिक्षु के मेधांकर थेरो ने यह जानकारी दी. Also Read - पीएम मोदी का बड़ा दावा- कूच बिहार में ममता बनर्जी ने कराई थी हिंसा, ये था प्लान

उन्होंने बताया, “प्रधानमंत्री सारनाथ पहुंचेंगे. तथागत की उपदेश स्थली, धमेख स्तूप के दर्शन पूजन करेंगे. इसके बाद वह मूलगंध कुटी विहार में बौद्ध मंदिर में भगवान बुद्ध का पूजन कर बौद्ध भिक्षुओं से आशीर्वाद लेंगे. इस दौरान वह सारनाथ पुरातात्विक संग्रहालय भी देखेंगे.” Also Read - Varanasi Covid Guidelines: वाराणसी में भी कोरोना का कहर, गंगा घाट पर जाने का समय तय; DM ने दिये आदेश

बाबा के दरबार सहित प्रमुख मार्ग जहां से महिंदा राजपक्षे का काफिला गुजरेगा, वहां पर भारत श्रीलंका के मजबूत रिश्तों के प्रतीक पोस्टर लगाए गए हैं. पोस्टर में श्रीलंका के प्रधानमंत्री का स्वागत करने का संदेश भी तमिल व सिंहली भाषा में लिखकर रिश्तों को प्रगाढ़ किया गया है. Also Read - पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस की इस यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनाव में NSUI की बड़ी जीत, कांग्रेस खुश

वहीं श्रीलंका के प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए दस बजे से काशी विश्वनाथ मन्दिर प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है. वीवीआइपी के आगमन को देखते हुए दस बजे के बाद से आम भक्तों का छत्ताद्वार से प्रवेश बन्द कर दिया गया. माघ पूर्णिमा होने की वजह से मंदिर में इस दौरान श्रद्धालुओं की काफी भीड़ बनी हुई है. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. ज्ञात हो कि श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे भारत की यात्रा पर शुक्रवार को पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता भी की थी.

(इनपुट-आईएएनएस)