नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश में बढ़ते कोरोना के मामलों के लिए निजामुद्दीन मरकज में तबलीगी जमात के आयोजन को प्रमुख वजह बताया है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि देश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना के संक्रमण के 386 नए मामलों की पुष्टि होने और तीन मरीजों की मौत हुई है. संक्रमण के कुल 1637 मामले हो गए हैं. यह वृद्धि राष्ट्रीय स्तर पर संक्रमण के फैलने की दर को नहीं दर्शाती है, बल्कि इस बढ़ोतरी में निजामुद्दीन मरकज की घटना प्रमुख वजह रही. Also Read - भारत-चीन गतिरोध के बीच शीर्ष सैन्य अधिकारियों के बीच आज होगी बातचीत, जानें क्या होगा एजेंडा

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के संयुक्‍त सचिव ने कहा, तबलीगी जमात से संबंधित 1800 लोगों को 9 अस्पतालों और क्‍वारंटीन सेंटर्स में भेजा गया है. हालिया मामलों में वृद्धि राष्ट्रीय प्रवृत्ति का प्रतिनिधित्व नहीं करती है. Also Read - चीन के साथ कमांडर लेवल की बैठक आज, भारत ने लद्दाख सीमा पर तैनात कीं बोफोर्स तोपें

बता दें दिल्ली स्थित निजामुद्दीन इलाके में एक से 15 मार्च तक हुए तबलीगी जमात के एक आयोजन में हिस्से लेने वालों में कोरोना के संक्रमण के कई मामले सोमवार और मंगलवार को सामने आए थे. Also Read - लद्दाख में सैन्य गतिरोध: भारत, चीन वार्ता के जरिये मतभेदों को दूर करने पर हुए सहमत

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने नियमित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि देश में कोरोना वायरस के संक्रमण के कुल 1637 मामले हो गए हैं, जबकि संक्रमण से पीडित मरीजों की मौत का आंकड़ा 38 तक पहुंच गया है.

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने बताया कि अकेले दिल्ली में पिछले 24 घंटों के दौरान 18 मामलों में कोरोना के संक्रमण की पुष्टि हुई है, जबकि तमिलनाडु में 65 नए मामले सामने आये हैं. अग्रवाल ने संक्रमण के मामले रोकने के लिए लॉकडाउन का पालन सुनिश्चित करने को ही एकमात्र उपाय बताते हुए कहा कि इसकी रोकथाम के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है.

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने बताया कि केबिनेट सचिव की अध्यक्षता में बुधवार को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बैठक में राज्यों के स्तर पर संक्रमण को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों एवं लॉकडाउन का पालन सुनिश्चित करने के उपायों की समीक्षा की गई.

संयुक्त सचिव ने बताया कि बैठक में प्रवासी मजदूरों को संक्रमण के खतरे से बचाने के लिए पृथक रखने और उनकी सहायता के लिए शुरू किए गए कार्यों को पूरा करने के प्रयासों की भी समीक्षा की गई.

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के रमन आर गंगाखेड़कर ने बताया कि देश भर में कार्यरत आईसीएमआर की प्रयोगशालाओं में पिछले 24 घंटों में 4562 नमूनों की जांच की गई. गंगाखेड़कर ने कहा कि इसके साथ ही देश में जांच का स्तर कुल क्षमता का 38 प्रतिशत हो गया है.

रमन आर गंगाखेड़कर ने बताया कि आईसीएमआर की कार्यरत प्रयोगशालाओं की संख्या भी बुधवार को बढ़कर 126 हो गई है. उन्होंने बताया कि आईसीएमआर द्वारा मान्यता प्राप्त निजी प्रयोगशालाओं की संख्या भी 49 से बढ़कर 51 हो गई है.

गृह मंत्रालय की संयुक्‍त सचिव राज्य पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि प्रवासी श्रमिकों के लिए भोजन और आश्रय की व्यवस्था कर रहे हैं, 21,486 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं जहां 6,75,133 व्यक्तियों को आश्रय दिया गया है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्‍त सचिव ने बताया कि रेलवे 20000 डिब्बों को संशोधित करके 3.2 लाख अलगाव और अलग बेड स्थापित करने की तैयारी कर रहा है. 5000 डिब्बों की तब्‍दीली शुरू हो गई है. परीक्षण किट, दवाओं और मास्क जैसे आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए लाइफलाइन उड़ानें शुरू की गई हैं.