नई दिल्ली. कर्नाटक में अगले दो महीनों में विधानसभा के चुनाव होने हैं. राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने चुनावी अभियान शुरू कर दिया है. राज्य की  विधानसभा में चुनकर आने वाले विधायक यहां के आलीशान विधान सौध यानी विधानसभा में बैठते हैं. लेकिन क्या आपको मालूम है कि देश-विदेश में चर्चित इस विधानसभा का यह शानदार भवन कब बना था? किसने इसकी परिकल्पना की? और इसके निर्माण में कितनी लागत आई? तो आइए हम बताते हैं आपको. देश के दक्षिणी राज्यों में से प्रमुख कर्नाटक विधानसभा का यह आलीशान भवन 2 करोड़ रुपयों से भी कम में बनकर तैयार हो गया था. पढ़ें ऐसी अन्य जानकारियां…

के. हनुमंथैया की परिकल्पना है यह भव्य इमारत

वर्ष 1951 में के. हनुमंथैया मैसूर राज्य के मुख्यमंत्री थे. वे चाहते थे कि अमेरिका के व्हाइट हाउस और लंदन के बर्मिंघम पैलेस की तरह उनके राज्य में भी जनता के प्रतिनिधियों का भवन हो. उनकी कल्पना थी कि भवन की भव्यता से राज्य की महत्ता का भान हो. इसलिए उन्होंने इस भव्य भवन के निर्माण की योजना बनाई. उनकी पहल पर देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 13 जुलाई 1951 को इस भवन की आधारशिला रखी. 1956 में यह भवन बनकर तैयार हुआ. तब इसकी लागत 1.84 करोड़ रुपए आई थी. 5 हजार से ज्यादा मजदूर इसके निर्माण में लगे थे.

वर्ष 1951 में के. हनुमंथैया मैसूर राज्य के मुख्यमंत्री थे. वे चाहते थे कि अमेरिका के व्हाइट हाउस और लंदन के बर्मिंघम पैलेस की तरह उनके राज्य में भी जनता के प्रतिनिधियों का भवन हो. उनकी कल्पना थी कि भवन की भव्यता से राज्य की महत्ता का भान हो. इसलिए उन्होंने इस भव्य भवन के निर्माण की योजना बनाई. उनकी पहल पर देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 13 जुलाई 1951 को इस भवन की आधारशिला रखी. 1956 में यह भवन बनकर तैयार हुआ. तब इसकी लागत 1.84 करोड़ रुपए आई थी. 5 हजार से ज्यादा मजदूर इसके निर्माण में लगे थे.

 

द्रविड़ आर्किटेक्चर की शानदार प्रतिकृति

विधान सौध के आयताकार इमारत का क्षेत्रफल काफी बड़ा है. उत्तर से दक्षिण तक जहां यह 700 फीट का है, वहीं पूर्व से पश्चिम तक करीब 350 फीट. अंदर में 230 गुना 230 फीट के दो सेंट्रल विंग बने हुए हैं. द्रविड़ आर्किटेक्चर शैली में बनी यह इमारत न सिर्फ कर्नाटक, बल्कि देश में सबसे खूबसूरत इमारतों में से एक है. वहीं इसके निर्माण में आधुनिक वास्तुकला का भी प्रयोग किया गया है. भवन का एक महत्वपूर्ण आकर्षण इसके आगे बनी सीढ़ियां भी हैं, जिससे होकर सीधे पहली मंजिल पर स्थित विधानसभा में पहुंचा जा सकता है.

विधान सौध के आयताकार इमारत का क्षेत्रफल काफी बड़ा है. उत्तर से दक्षिण तक जहां यह 700 फीट का है, वहीं पूर्व से पश्चिम तक करीब 350 फीट. अंदर में 230 गुना 230 फीट के दो सेंट्रल विंग बने हुए हैं. द्रविड़ आर्किटेक्चर शैली में बनी यह इमारत न सिर्फ कर्नाटक, बल्कि देश में सबसे खूबसूरत इमारतों में से एक है. वहीं इसके निर्माण में आधुनिक वास्तुकला का भी प्रयोग किया गया है. भवन का एक महत्वपूर्ण आकर्षण इसके आगे बनी सीढ़ियां भी हैं, जिससे होकर सीधे पहली मंजिल पर स्थित विधानसभा में पहुंचा जा सकता है.

 

5 लाख वर्ग फीट से ज्यादा बड़ा परिसर

कर्नाटक विधान सौध का पूरा परिसर 5 लाख वर्ग फीट से ज्यादा बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है. इसमें मुख्यतः तीन फ्लोर हैं जो 1.32 लाख स्कवॉयर फीट के हैं. वहीं टॉप फ्लोर एक लाख वर्गफीट में है. विधान सौध की कुल लंबाई 700 फीट है. वहीं चौड़ाई 350 फीट है और ऊंचाई (जमीन से मुख्य गुंबद तक) करीब 150 फीट है. भवन के बीच का गुंबद 60 फीट का है जिसका भार संभालने के लिए 8 पिलर लगाए गए हैं. भवन में 6 और गुंबद हैं, 4 सामने और 2 पीछे की दिशा में.

कर्नाटक विधान सौध का पूरा परिसर 5 लाख वर्ग फीट से ज्यादा बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है. इसमें मुख्यतः तीन फ्लोर हैं जो 1.32 लाख स्कवॉयर फीट के हैं. वहीं टॉप फ्लोर एक लाख वर्गफीट में है. विधान सौध की कुल लंबाई 700 फीट है. वहीं चौड़ाई 350 फीट है और ऊंचाई (जमीन से मुख्य गुंबद तक) करीब 150 फीट है. भवन के बीच का गुंबद 60 फीट का है जिसका भार संभालने के लिए 8 पिलर लगाए गए हैं. भवन में 6 और गुंबद हैं, 4 सामने और 2 पीछे की दिशा में.

 

और 100 सदस्य बैठ सकते हैं विधानसभा में

विधान सौध में बनी विधानसभा 125 गुना 132 फीट की है. इसकी ऊंचाई 40 फीट है. अभी इसमें 268 लोगों के बैठने की व्यवस्था है, जिसे भविष्य में और 100 लोगों के बैठने लायक बनाया जा सकता है. विधान सौध में विधान परिषद के सदस्यों के लिए भी पर्याप्त जगह है. वर्तमान में 88 लोगों की क्षमता को ध्यान में रखकर बना भवन 100 गुना 78 फीट का है.

विधान सौध में बनी विधानसभा 125 गुना 132 फीट की है. इसकी ऊंचाई 40 फीट है. अभी इसमें 268 लोगों के बैठने की व्यवस्था है, जिसे भविष्य में और 100 लोगों के बैठने लायक बनाया जा सकता है. विधान सौध में विधान परिषद के सदस्यों के लिए भी पर्याप्त जगह है. वर्तमान में 88 लोगों की क्षमता को ध्यान में रखकर बना भवन 100 गुना 78 फीट का है.