पेरिस: पूरी दुनिया इस वक़्त कोरोना वायरस की चपेट में हैं. दुनिया के 183 देशों में दिसंबर से अब तक (रविवार) कोविड-19 महामारी के संक्रमण के 5,39,360 मामले दर्ज किए गए थे. हर देश ने इस महामारी के खिलाफ जंग छेड़ दी है मगर कोई पूरी तरह सफल नहीं हो पा रहा है. Also Read - COVID-19 से जूझ रहे भारत के लिए भारतीय-अमेरिकी डॉक्टर भेज रहे 5,000 ऑक्‍सीजन कंसंट्रेटर

ऐसे में कोरोना वायरस को मात देने के लिए मलेरिया-रोधी दवा क्लोरोक्विन के इस्तेमाल की बात करने वाले विवादास्पद फ्रांसीसी प्रोफेसर डिडिएर राउल्ट ने दावा किया है कि उन्होंने जो नया अध्ययन किया है, वह वायरस को खत्म करने में इस दवा के ‘‘कारगर होने’’ की पुष्टि करता है. Also Read - COVID-19 Cases on 8 May 2021: देश में कोरोना से 24 घंटे में 4,187 मौतें, आज फिर नए मामले 4 लाख के पार

लेकिन कई अन्य वैज्ञानिकों और आलोचकों ने मार्सिले में ला टिमोन अस्पताल के संक्रामक रोग विभाग के प्रमुख व सूक्ष्मजीव विज्ञानी डिडिएर राउल्ट के शोध पर संदेह जताया है. उन्होंने कहा कि परीक्षण उचित तरीके से नहीं किया गया. Also Read - COVID-19: बारात लेकर जा रहा दूल्‍हा और ड्राइवर निकले कोरोना पॉजिटिव, मच गया हड़कंप

डॉ. राउल्ट, जिनके सिद्धांत को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनाया है, ने कहा कि 80 रोगियों को लेकर किए गए उनके नए अध्ययन से पता चला है कि इस दवा के जरिए इलाज से पांच में से चार मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ.