नई दिल्लीः लगातार भारत के आंतरिक मुद्दे पर विरोध कर रहे मलेशिया ने अपने रुख में बदलाव कर लिया है. मलेशिया के पीएम महातिर मोहम्मद ने सोमवार को अपने बयान में कहा कि भारत की अपेक्षा उनका देश बहुत छोटा है और उसके खिलाफ जाने की हमारी हैसियत नहीं है. माना जा रहा है कि अपनी बिगड़ती आर्थिक स्थिति के कारण मलेशियाई प्रधानमंत्री ने अपने रुख में बदलाव किया है.

दरअसल मलेशिया लगातर पिछले कई महीनों से भारत का कई मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध और आलोचना कर रहा था. जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने और देश में सीएए के लागू होने तक कई मुद्दों पर उसने विरोध जताया था. भारत ने इसी महीनें मलेशिया से आने वाले खाद्य तेल के आयात पर रोक लगा दी जिसके बाद से मलेशिया में अचानक से ही खाद्य तेलों के दामों पर गिरावट दर्ज की गई थी.

माना जा रहा था कि भारत ने मलेशिया के विरोधी तेवरों की वजह से ही ऐसा कदम उठाया है. बता दें कि मलेशिया की आर्थिक स्थित उसके खाद्य तेल पर निर्भर करती है और भारत उसका सबसे बड़ा खरीददार था. महातिर ने एक संवादाता सम्मेलन में कहा कि भारत के खिलाफ किसी भी तरह की जवाबी कार्रवाई के लिए हम बहुत छोटे देश हैं. भारत के तेल खरीदन से मना करने के बाद मलेशिया में पिछले 11 सालों में तेल के दामों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है.

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आपको बता दें कि मलेशिया का सबसे बड़ा निर्यातक देश है. भारत में हर साल 90 लाख टन पाम तेल आयात होता और इसमें सबसे ज्यादा पाम आयल मलेशिया से आता है. पिछले साल भारत ने मलेशिया से लगभग 40.4 लाख टन पाम तेल खरीदा था, लेकिन अब तेल की बिक्री रुकने से उसकी हालत खराब हो गई है जिसके बाद उसने अपने रुख में बदलाव किया है.