मुंबई| मालेगांव ब्लास्ट मामले में मंगलवार को बॉम्बे हाई कोर्ट ने आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित की जमानत याचिका पर अहम फैसला सुनाया. अदालत ने साध्वी को जमानत दे दी है. वहीं, कर्नल पुरोहित को जमानत नहीं मिली है. पुरोहित को विस्‍फोट के लिए आरडीएक्‍स देने व साजिश करने के आरोप में नवंबर 2008 में गिरफ्तार कर लिया गया था

अदालत ने साध्वी प्रज्ञा को 5 लाख रुपये की जमानत राशि और इतनी ही रकम की दो गारंटी जमा कराने के लिए कहा है.  साथ ही उन्हें अपना पासपोर्ट भी एनआईए को जमा करने के लिए कहा गया है. साध्वी को हर सुनवाई के भी जाना होगा.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने पिछले साल जून में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और कर्नल पुरोहित की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. साध्वी प्रज्ञा ने अपनी याचिका में कहा था कि एनआईए द्वारा जुटाए गए सबूतों के अनुसार उनके खिलाफ कोई मामला नहीं बनता. मालेगांव विस्फोट के एक पीड़ित ने भी साध्वी प्रज्ञा की जमानत का विरोध किया था. उनका कहना था कि उन्हें जमानत दिए जाने पर विस्फोट में घायल हुए गवाहों की जान को खतरा होगा.

उत्तरी महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित मुस्लिम बहुल शहर मालेगांव में 29 सितंबर 2008 को हुए विस्फोट में सात लोग मारे गए थे.