नई दिल्ली: लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकपाल चयन समिति की बैठक का बुधवार को एक बार फिर बहिष्कार किया. उन्होंने कहा है कि वह ‘विशेष आमंत्रित सदस्य’ के तौर पर इसमें शामिल नहीं हो सकते. यह बैठक बुधवार को प्रस्तावित थी.Also Read - इतिहास में पहली बार, लगातार दूसरी लोकसभा में कोई नहीं होगा 'नेता प्रतिपक्ष'

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यह इस साल में छठी बार है जब खड़गे ने लोकपाल चयन समिति की बैठक का बहिष्कार किया. खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में कहा, ‘‘यह परेशान करने वाली बात है कि सरकार ने मुझे चयन समिति की बैठक में विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर आमंत्रित करना जारी रखा है जबकि लोकपाल अधिनियम-2013 की धारा चार में विशेष आमंत्रित सदस्य का कोई प्रावधान नहीं है.’’ इससे पहले खड़गे ने 28 फरवरी, 10 अप्रैल, 18 जुलाई, 18 अगस्त और चार सितंबर को पत्र लिखकर लोकपाल चयन समिति की बैठकों का विरोध किया था. खड़गे ने कहा कि जब तक सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के नेता को पूर्ण सदस्य के तौर पर समिति की बैठक में नहीं बुलाया जाता, तब तक वह शामिल नहीं होंगे. Also Read - mallikarjun kharge refuse to attend Lokpal selection meeting for inviting as a special invitee । लोकपाल सिलेक्शन: बैठक में विशेष अतिथि के तौर पर बुलाने से भड़के खड़गे, कहा- नहीं जाऊंगा

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खड़गे पहले ही कह चुके हैं कि संसद की प्रवर समिति ने कहा था कि लोकपाल अधिनियम में संशोधन किया जाए ताकि सबसे बड़े विपक्षी दल का नेता बतौर सदस्य लोकपाल चयन समिति की बैठक में शामिल हो सके. इसके बावजूद अब तक इस अधिनियम में संशोधन नहीं किया गया और इन हालात में वह बैठक में शामिल नहीं हो सकते.

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लोकपाल अधिनियम 2013 के तहत लोकसभा में विपक्ष का नेता ही चयन प्रक्रिया का सदस्य हो सकता है. चूंकि खड़गे को यह दर्जा हासिल नहीं है, इसलिए वह इस समिति में शामिल नहीं हैं. विपक्ष के नेता का दर्जा हासिल करने के लिए कम से कम 55 सीट अथवा लोकसभा की कुल सदस्य संख्या का दस फीसदी सीट होना अनिवार्य है.