नई दिल्ली: लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार से असहमति जताते हुए लोकपाल सिलेक्शन बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है. इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. पीएम समेत इस बैठक में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, लोकसभा की स्पीकर सुमित्रा महाजन और पीएमओ में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह भी शामिल होंगे. बैठक में शामिल नहीं होने पर संसद की पब्लिक अकाउंट कमिटी को लिखे पत्र में खड़गे ने लिखा, ”स्पेशल इनवाइट के तौर पर मुझे बैठक में बुलाकर केंद्र सरकार भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए बनाए जाने वाले लोकपाल बिल पर विपक्ष की स्वतंत्र आवाज को दबाने की दिशा में काम कर रही है”.

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दरअसल मौजूदा लोकसभा में टेक्निकल तौर पर कम सासंद होने के कारण कोई भी विपक्ष का नेता नहीं है लेकिन विपक्ष में सबसे बड़ी पार्टी होने के कारण कांग्रेस की ओर से खड़गे को ही विपक्ष का नेता बताया जाता है. केंद्र सरकार ने इसी आधार पर खड़गे को विपक्ष के नेता के तौर पर नहीं बल्कि विशेष रूप से आमंत्रित सदस्य के तौर पर बैठक में बुलाया है क्योंकि लोकपाल बिल पर चर्चा के लिए विपक्ष के नेता का होना भी जरूरी है. खड़गे ने ये भी कहा कि, सुप्रीम कोर्ट द्वारा फटकार लगाए जाने पर ही केंद्र सरकार लोकपाल बिल पर ये बैठक कर सिर्फ दिखावा कर रही है.

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मोदी सरकार ने 23 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में बताया था कि लोकपाल की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया जारी है और इस संबंध में 1 मार्च को बैठक की जाएगी. अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस आर भानुमति की बेंच को बताया था कि लोकपाल की नियुक्ति जल्द से जल्द हो इसके लिए कदम उठाए गए हैं और इस बारे में विचार करने के लिए 1 मार्च को पीएम नरेंद्र मोदी के साथ चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया, लोकसभा की स्पीकर और विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी के नेता आपस में बैठक करेंगे.