नई दिल्ली: 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को सत्ता से बेदखल करने के लिए विपक्ष महागठबंधन की संभावना पर विचार के लिए आज दिल्ली में बैठक करने वाला है. वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय विपक्षी दलों की प्रस्तावित इस बैठक का उपहास उड़ाते हुए प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने की मांग कर रहे हैं. दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व नेता यशवंत सिन्हा का कहना है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख ममता बनर्जी में एक बेहतर प्रधानमंत्री बनने के ‘सभी गुण’ मौजूद हैं.

सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस द्वारा आयोजित एक टॉक शो ‘आइडिया ऑफ बंगाल’ में सिन्हा ने कहा- मुझे गठबंधन सरकार का अनुभव है, मुझे लगता है कि वह नेता बेहतर सरकार चला सकता है जिसे गठबंधन की पार्टियां अपना नेता मानें. सिन्हा ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में ममता बनर्जी बड़ी भूमिका निभाएंगी. सिन्हा ने ममता बनर्जी को हिम्मतवाली नेता बताते हुए कहा कि उनके व्यक्तित्व से ये झलकता भी है. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव 2019 में नई सरकार बनाने में ममता बनर्जी बड़ी भूमिका
निभाएंगी.

बैठक का मुख्य एजेंडा एक गैर-भाजपा मोर्चा बनाने के लिए भविष्य की कार्रवाई तय करना है. कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गांधी के भी बैठक में भाग लेने की उम्मीद है. बैठक के दौरान विपक्ष के संसद के शीतकालीन सत्र के लिए एक संयुक्त रणनीति बनाये की भी उम्मीद है. सूत्रों ने बताया कि संसद भवन सौंध में होने वाली बैठक के दौरान विपक्षी दल सरकारी विधेयकों और राफेल सौदे और किसानों से संबंधित मुद्दों पर अपने रूख पर चर्चा कर सकते हैं.

उन्होंने बताया कि न केवल गैर-भाजपा दलों के प्रमुखों बल्कि केरल,पंजाब और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों को भी बैठक के लिए आमंत्रित किया गया है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख ममता बनर्जी, नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव एस सुधाकर रेड्डी के भी बैठक में भाग लेने की उम्मीद है.