नई दिल्लीः कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के धरने पर बैठने के बाद पश्चिम बंगाल और केंद्र सरकार के बीच तनातनी चरम पर पहुंच गई है. राज्य की ताजा स्थिति को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी से रिपोर्ट मांगी है. उन्होंने राज्यपाल से राज्य के मौजूदा हालात का जायजा लेकर आज शाम तक रिपोर्ट देने को कहा है. इस बीच केंद्रीय मंत्री चौधरी बिरेंद्र सिंह ने संसद में कहा कि यह अच्छा होगा कि ममता सरकार संविधान के अधीन काम करे वरना केंद्र सरकार अनुच्छेद 356 (राष्ट्रपति शासन) पर विचार कर सकती है.

गौरलतब है कि शारदा पोंजी घोटाला मामले में कोलकाता पुलिस आयुक्त से पूछताछ करने पहुंचे सीबीआई के एक दल को दरवाजे पर ही रोकने और उसे हिरासत में लेने के बाद से राज्य में गंभीर स्थिति बनी हुई है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी इस मामले को लेकर रविवार रात से धरने पर बैठी हुई हैं.

अधिकारियों ने बताया कि मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के आधिकारिक और आवासीय परिसर में केंद्रीय बलों को तैनात करने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा, ‘‘ गृह मंत्रालय स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है.’’

अधिकारियों ने बताया कि गृह मंत्रालय को रविवार शाम जानकारी मिली थी कि ‘‘उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत शारदा घोटाले की जांच कर रहे सीबीआई अधिकारी कोलकाता में निजी सुरक्षा को लेकर खतरा महसूस कर रहे हैं.’’ उन्होंने बताया कि राजनाथ सिंह ने राज्यपाल को सीबीआई अधिकारियों को हिरासत में लिए जाने, धमकाने और उनकी कार्रवाई को बाधित किए जाने की दुर्भाग्यपूर्ण और अभूतपूर्व स्थिति से जुड़े तथ्यों से अवगत होने को कहा है.

अधिकारियों के अनुसार त्रिपाठी ने राजनाथ सिंह से कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को तलब किया है और स्थिति से निपटने के लिए उन्हें तत्काल कदम उठाने का निर्देश भी दिया है. उन्होंने कहा कि सीबीआई संयुक्त निदेशक के आवास को कोलकाता पुलिस द्वारा घेरे जाने की भी खबरें हैं.