नई दिल्ली: गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी को लिखे गए पत्र में कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार पर प्रवासियों को लेकर आने वाली ट्रेनों को आने दें. ट्रेन न आने देना अन्याय है. वहीं, इस पत्र को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने पलटवार किया है. तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अमित शाह ट्रेन न आने देने का आरोप साबित करें या फिर माफ़ी मांगें. टीएमसी नेता ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह हफ्तों तक चुप्पी साधे रखने के बाद केवल झूठ से लोगों को गुमराह करने के लिए बोलते हैं. Also Read - लॉकडाउन में अंडर-19 खिलाड़ियों को मिली ये सीख, जानिए राहुल द्रविड़ की जुबानी

वहीं, इस पत्र को लेकर कांग्रेस भी हमलावर हो गई है. कांग्रेस ने कहा कि अमित शाह को कर्नाटक और गुजरात के मुख्यमंत्रियों को भी पत्र लिखना चाहिए. कांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखे जाने के बाद कहा कि शाह को ऐसा ही पत्र कर्नाटक और गुजरात के मुख्यमंत्रियों को भी लिखना चाहिए क्योंकि उनकी सरकारें मजदूरों को घर जाने से रोक रही हैं. पार्टी प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने यह भी कहा कि केंद्र अथवा किसी भी राज्य सरकार को संकट के इस समय राजनीति नहीं करनी चाहिए तथा मजदूरों की मदद के लिए रणनीति बनाने पर जोर देना चाहिए. Also Read - भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा को आई बचपन की याद, दो चोटी बांधी और बोली- जो भी है....

शेरगिल ने कहा कि ‘आश्चर्य इस बात का है कि लॉकडाउन में अमित शाह जी ने पहली बार बयान दिया है. उन्हें मजबूर मजदूरों के बारे में बात करने में 40 दिन लग गए. जब देश में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक लोग परेशान थे, मजदूर मर रहे थे तो वह कुछ नहीं बोले. इस बात को यह देश याद रखेगा.’ शेरगिल ने कहा, ‘गृह मंत्री को कर्नाटक और गुजरात के मुख्यमंत्रियों को भी पत्र लिखना चाहिए क्योंकि उनकी सरकारें मजदूरों को घर जाने से रोक रही हैं. पश्चिम बंगाल सरकार को भी अपने राज्य में मजदूरों की वापसी और मदद सुनिश्चित करनी चाहिए.’ उन्होंने कहा कि यह समय राजनीति का नहीं है, बल्कि मजदूरों की मदद के लिए रणनीति बनाने का है. Also Read - लॉकडाउन में इस बात से बहुत परेशान हो गए अमिताभ बच्चन, फैंस से मांगी माफी

गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने शनिवार को कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार प्रवासी मजदूरों को लेकर जाने वाली ट्रेनों को राज्य पहुंचने की अनुमति नहीं दे रही है जिससे श्रमिकों के लिए और दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर, शाह ने कहा कि ट्रेनों को पश्चिम बंगाल पहुंचने की अनुमति न देना राज्य के प्रवासी श्रमिकों के साथ ‘अन्याय’ है.