बंगाल चुनाव के 43 दिन बाद HC पहुंचीं ममता बनर्जी, भबानीपुर में सुवेंदु से मिली हार के खिलाफ दायर की याचिका
भबानीपुर सीट पर BJP के सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया था. इस सीट से ममता बनर्जी पहले तीन बार विधायक रह चुकी हैं.
सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 2021 के चुनाव में नंदीग्राम से और 2026 के चुनाव में भबानीपुर से हराया था. (PTI)
- 2026 के विधानसभा चुनाव में TMC को मिली 80 सीटें.
- 58 विधायकों ने बगावत के बाद बना लिया अलग गुट.
- TMC के 20 बागी सांसद NCPI में कर लिया विलय.
- हार के बाद अभिषेक बनर्जी ED की जांच का कर रहे सामना.
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भबानीपुर विधानसभा सीट से मिली हार को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी है. ममता ने मंगलवार (16 जून 2026) को हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है. इसमें चुनाव के नतीजे की वैधता की जांच करने की मांग की है. ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव गलत तरीके से हुआ है. 12 राउंड की काउंटिंग के बाद इलेक्शन एजेंट और मुझे पीटा गया और बाहर कर दिया गया.
भबानीपुर सीट पर BJP के सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया था. इस सीट से ममता बनर्जी पहले तीन बार विधायक रह चुकी हैं. चुनाव के दौरान उन्होंने काउंटिंग में गड़बड़ी और अपने साथ मारपीट के आरोप भी लगाए थे.
काउंटिंग से एक दिन पहले स्ट्रॉन्गरूम में घंटों रही थीं ममता
4 मई को बंगाल चुनाव की काउंटिंग होनी थी. इसके एक दिन पहले ममता बनर्जी ने स्ट्रॉन्गरूम में घंटों रही थीं. TMC कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि BJP के झंडे वाली कार को बिना जांच के भबानीपुर के स्ट्रॉन्गरूम परिसर में एंट्री दी गई.
जानबूझकर काउंटिंग रोकने का आरोप
ममता ने आरोप लगाया कि राज्य की कई सीटों पर जानबूझकर काउंटिंग रोकी गई. BJP और चुनाव आयोग मिलकर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं.
BJP कार्यकर्ताओं पर लगा था धक्का-मुक्की और मारपीट का आरोप
4 मई को चुनाव के नतीजे आने के बाद ममता बनर्जी ने काउंटिंग सेंटर पर BJP कार्यकर्ताओं पर धक्का-मुक्की और मारपीट का आरोप लगाया था. ममता का आरोप था कि उन्हें धक्का दिया गया और मारा पीटा गया. साथ ही काउंटिंग सेंटर में प्रवेश नहीं करने दिया गया.
भबानीपुर सीट का जातीय गणित क्या है?
पश्चिम बंगाल की भबानीपुर विधानसभा सीट राज्य की सबसे प्रतिष्ठित और हाई-प्रोफाइल सीटों में गिनी जाती है. कोलकाता के दक्षिणी हिस्से में स्थित यह सीट लंबे समय से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का राजनीतिक गढ़ रही. भबानीपुर का सामाजिक और जातीय समीकरण बंगाल की अन्य सीटों से थोड़ा अलग है. यहां बड़ी संख्या में बंगाली हिंदू मतदाता हैं, लेकिन इसके साथ ही मारवाड़ी, गुजराती, पंजाबी, बिहारी और मुस्लिम समुदाय के मतदाता भी चुनावी नतीजों को प्रभावित करते हैं.
भबानीपुर में मुस्लिम वोटरों की हिस्सेदारी 20 फीसदी
भबानीपुर में मुस्लिम वोटरों की हिस्सेदारी करीब 20 प्रतिशत के आसपास मानी जाती है, जबकि बड़ी संख्या में मध्यमवर्गीय और कारोबारी परिवार भी इस सीट पर रहते हैं. यही वजह है कि यहां जाति से ज्यादा पार्टी और नेतृत्व आधारित मतदान देखने को मिलता है.
2011 में इसी सीट से जीतकर CM बनी थीं ममता
ममता बनर्जी ने पहली बार 2011 में भबानीपुर सीट से चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री पद संभाला था. इसके बाद 2016 और 2021 के उपचुनाव में भी उन्होंने इसी सीट से जीत दर्ज की. यानी ममता अब तक भबानीपुर से तीन बार चुनाव जीत चुकी हैं. इस बार के चुनाव में उन्हें सुवेंदु अधिकारी से हार का सामना करना पड़ा.
कैसा रहे बंगाल चुनाव के नतीजे?
पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए 23 और 29 मई को वोटिंग हुई. नतीजे 4 मई को घोषित हुए थे. BJP ने 208 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) को 80 सीटें मिली थीं. इसके बाद सुवेंदु अधिकारी राज्य के मुख्यमंत्री बने थे.
2026 के चुनाव में BJP का वोट शेयर 5% ज्यादा
2026 विधानसभा चुनाव में BJP का वोट शेयर 45.84% रहा. यह TMC के वोट शेयर 40.80% से 5% ज्यादा है, जबकि दोनों पार्टी की सीटों में करीब 125 का अंतर आया.
नंदीग्राम की हार को भी कोर्ट में चुनौती दे चुकी हैं ममता
ममता बनर्जी ने इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से मिली हार को चुनौती दी थी. सुवेंदु अधिकारी ने 2021 में नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को करीब 1,956 वोटों से हराया था. 17 जून 2021 को ममता बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की थी. हालांकि, उनकी याचिका खारिज हो गई.
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