कांचरापाड़ा (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में रहने वालों को बांग्ला भाषा में बोलना सीखना होगा. तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने दोहराया कि बाहरी लोग राज्य में डॉक्टरों के आंदोलन को उकसा रहे हैं. ममता ने भाजपा पर बंगालियों और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया.

 

उन्होंने यहां एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि बाहरी लोग डॉक्टरों को उकसा रहे हैं. मैंने सही कहा था कि वे कल के प्रदर्शन में शामिल थे. मैंने (एसएसकेएम अस्पताल में) कुछ बाहरियों को नारेबाजी करते हुए देखा. ममता ने आरोप लगाया कि हाल में हुए लोकसभा चुनावों में ईवीएम में ‘गड़बड़ी’ की गई थी. उन्होंने कहा कि चुनाव कराने के लिए मतपत्रों का इस्तेमाल होना चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि वे (भाजपा) ईवीएम में गड़बड़ी करके कुछ सीटें जीत गये, इसका मतलब यह नहीं कि वे बंगालियों और अल्पसंख्यकों को पीट सकते हैं. हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि पुलिस हंगामा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी. अगर कोई बंगाल में रह रहा है तो उसे बांग्ला (भाषा) सीखनी पड़ेगी.

21 जुलाई से आंदोलन की चेतावनी
बनर्जी ने कहा कि हमारी मांग है कि हम ईवीएम नहीं चाहते हैं. हम बैलेट पेपर चाहते हैं. हम इस वर्ष 21 जुलाई से इस मांग को लेकर अपना आंदोलन शुरू करेंगे. हमने एकबार ‘पहचान पत्र नहीं तो वोट नहीं’ को लेकर एक अभियान की शुरुआत की थी. उस दिन हमारे 13 कार्यकर्ता मारे गए थे और 100 से ज्यादा घायल हो गए थे. लेकिन हमने सुनिश्चित किया कि हमारी मांगें मानी जाएं. हम इसबार भी यही करेंगे.